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मैगी विवादः नड्डा ने कहा मैगी पर प्रतिबंध जायज, नहीं होगा सुरक्षा से समझौता

मैगी विवादः नड्डा ने कहा मैगी पर प्रतिबंध जायज, नहीं होगा सुरक्षा से समझौता

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को मैगी मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि मैगी के कई नमूनों की जांच के बाद पता चला है कि मैगी ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया है,  और देशवाशियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके पहले मैगी पर कसते शिकंजे के बीच नेस्ले ने अब कोर्ट का सहारा लिया है। उत्तराखंड में बैन के खिलाफ आज नेस्ले ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से 15 दिन में जवाब मांगा है.

गौरतलब है कि मैगी नूडल्स में सीसे की मात्रा तय स्तर से अधिक और मोनो सोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) पाए जाने के विवाद के बीच सरकार ने नेस्ले कंपनी को मैगी ब्रांड के नौ तरह के नूडल का फौरन उत्पादन बंद करने और बिक्री पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। इस बीच, नेस्ले कंपनी ने दावा किया है कि मैगी पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, सरकार के मैगी की बिक्री पर रोक लगाने के फैसले से पहले ही कंपनी के बाजार से मैगी हटाने के निर्णय को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मुताबिक, मैगी ब्रांड के नौ तरह के नूडल खाने के लिए असुक्षित और खतरनाक हैं। इसलिए, कंपनी फौरन उनके उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाए। एफएसएसएआई का कहना है कि नेस्ले ने उत्पाद मंजूरी लिए बगैर और बिना जोखिम एवं सुरक्षा आंकलन के मैगी ओट्स मसाला नूडल्स पेश किया है। इसलिए, मैगी के सभी नौ तरह के उत्पादों को फौरन बाजार से वापस लेने का आदेश दिया गया है।

दूसरी तरफ, स्विट्जरलैंड की कंपनी नेस्ले के ग्लोबल सीईओ पॉल बुल्के ने शुक्रवार को कहा कि मैगी को लेकर पिछले कुछ दिनों से भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसलिए, कंपनी ने मैगी को बाजार से हटाने का फैसला किया है। बुल्के ने कहा कि ग्राहकों की सुरक्षा कंपनी के लिए सर्वोपरि है। पर साथ ही उन्होंने दावा किया कि कंपनी ने मैगी के हजारों नमूनों की जांच की है। वह सभी सही पाए गए हैं।

पॉल बुल्के ने कहा कि सरकार ने इस विषय पर प्रतिक्रिया करने में कुछ जल्दबाजी की है। यह पूछे जाने पर कंपनी ने सफाई देने या भ्रम को दूर करने में इतनी देर क्यों की, नेस्ले के ग्लोबल सीईओ ने कहा कि हम मैगी की जांच कर रहे थे। कंपनी ने अपनी प्रयोगशाला के अलावा दूसरी प्रयोगशालाओं में भी जांच कराई है। इन जांच के बाद ही कंपनी ने सार्वजनिक तौर पर अपना रुख रखा है।

नेस्ले की दलील
- कंपनी मैगी में मोनो सोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) नहीं मिलाती है।
- जांच में पाया गया एमएसजी मसालों से प्राकृतिक रुप से आया होगा।
- कंपनी ने पैकेट से एमएसजी रहित का लेबल हटाने का फैसला किया है।
- हजारो सैंपल की जांच में तय मानकों से अधिक शीशा नहीं मिला है।
- उपभोक्ताओं की सुरक्षा कंपनी की पहली प्राथमिकता है।
- दुनिया के सभी देशों के लिए कंपनी के मानक एक हैं।
- सभी संदहों पर कंपनी सफाई देने को तैयार, जल्द वापसी का भरोसा।

क्या नेस्लो को थी रोक की जानकारी
एफएसएसएआई के मैगी के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाने से कुछ घंटे पहले नेस्ले कंपनी के खुद मैगी को बाजार से हटाने के ऐलान से कई सवाल पैदा हो गए हैं। यह सवाल उठने लगे कि नेस्ले को पाबंदी लगाने के फैसले की पहले से जानकारी थी। इसलिए, कपंनी ने गुरुवार आधी रात को मैगी को बाजार से हटाने का ऐलान कर दिया।

ब्रांड एंबेसडर का देगी साथ
नेस्ले ने कहा कि वह मैगी का विज्ञापन करने वाले फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन, अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा के साथ है। कंपनी के भारत में अधिकारी संजय खुजेरिया ने कहा कि ब्रांड एंबेस्डर किसी विवाद या कानूनी मामले में फंसते हैं, तो कंपनी उनका पूरा साथ देगी।

नियमों का उल्लंघन
- मैगी में लेड तय सीमा से ज्यादा है।
- कंपनी 'नो एडेड एमएसजी' का लेबल लगाकर गुमराह कर रही है।
- मैगी ओट्स मसाला 'नूडल्स विद टेस्टमेकर' को बिना जोखिम एवं सुरक्षा जांच के बेचा जा रहा है।
 

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  • Web Title:maggi dispute, nestle went to uttrakhand HC, court asked for reply with in 15 days