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गुजरात और कश्मीर में मैगी बैन, केंद्र सरकार भी एक्शन की तैयारी में

गुजरात और कश्मीर में मैगी बैन, केंद्र सरकार भी एक्शन की तैयारी में

गुजरात सरकार ने खाद्य सुरक्षा जांच में नाकाम रहने के बाद नेस्ले के फटाफट नूडल्स ब्रांड मैगी की बिक्री पर एक महीने के लिए रोक लगा दी है। इसी तरह का कदम उठाते हुए जम्मू कश्मीर सरकार ने भी राज्य में मैगी पर पाबंदी लगा दी है। इससे पहले केरल और दिल्ली पहले ही मैगी को अपने यहां पर बैन कर चुके हैं।
 
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री नितिन पटेल ने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से 27 नमूने एकत्र किए गए और गुजरात खाद्य एवं दवा नियंत्रण प्रशासन द्वारा उनकी जांच की गयी। जांच में पाया गया कि सीसे की मात्रा निर्धारित स्तर से अधिक थी जबकि मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) भी पाया गया।

खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने गुरुवार को कहा कि मैगी मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार कार्रवाई करेगी। पासवान ने नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कई राज्य सरकारों ने मैगी नूडल्स के सैंपल्स की जांच कराई है और कई सैंपल्स में लेड की मात्रा निर्धारित स्तर से अधिक पाई गई है।

वहीं, मुंबई के रिटेलर संगठन ने गुरुवार को अपने सभी सदस्यों को तत्काल मैगी रखने और बेचने से तब तक के लिए मना किया, जबतक कि इसके सुरक्षा को लेकर उठाए गए मुद्दे का निराकरण न हो जाए। फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन (एफआरटीडब्ल्यूए) के अध्यक्ष विरेन शाह ने कहा कि हमने अपने सभी 25 हजार प्रोविजनल स्टोरों को महाराष्ट्र सरकार द्वारा कराई जा रही जांच का परिणाम आ जाने तक मैगी रखने या बेचने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि अन्य रिटेलरों से भी तत्काल प्रभाव से मैगी की बिक्री रोकने का अनुरोध किया गया है। शाह ने कहा कि रिटेलरों ने पिछले कुछ दिनों में मैगी की बिक्री में 50 फीसदी गिरावट दर्ज की है। महाराष्ट्र सरकार ने एक दिन पहले राज्य के अलग-अलग स्थानों से जुटाए गए मैगी के नमूनों को जांच के लिए सरकारी प्रयोगशालाओं में भेजा है।

राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री गिरीश बापट ने कहा कि जांच रपट शुक्रवार तक आ सकती है और उसके बाद सरकार अगले कदम पर फैसला करेगी। बापट ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा था कि नमूनों में सीसा और अजीनोमोटो नमक के स्तर की जांच की जा रही है, जिसे स्वाद बढ़ाने के लिए मिलाया जाता है। एक अधिकारी ने कहा कि यदि जांच में विवादित पदार्थो का स्तर सीमा से अधिक पाया जाएगा, तो हमारे पास मैगी को प्रतिबंधित करने का अधिकार है। महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्राधिकरण (एफडीए) ऐसी स्थिति में मैगी का प्रचार करने वाली हस्तियों पर भी कार्रवाई कर सकता है। रिटेलरों को हुए नुकसान के बारे में शाह ने कहा कि यह उतना अधिक नहीं होगा, क्योंकि मैगी पर डीलर का मार्जिन सिर्फ 10 फीसदी है।

इधर, मैगी विवाद पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आज कहा कि राज्यों से रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस मुद्दे पर कोई निर्णय लिया जाएगा। नड्डा ने मैगी विवाद मामले में अधि‍कारियों के साथ आज बैठक की। स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में बुलाई गई इस बैठक में वरिष्ठ अधि‍कारियों ने हिस्सा लिया। केंद्र ने इस बाबत सभी राज्यों से रिपोर्ट मांगी है।

वहीं, दिल्ली सरकार ने भी नेस्ले के मैगी नूडल पर तत्काल प्रभाव से 15 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि कंपनी को दो सप्ताह का समय अपना पुराना स्टॉक बदलने के लिए दिया गया है। नया स्टॉक बाजार में उतारने पर फिर से नमूने लेकर जांच होगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही दिल्ली सरकार बाजार में मौजूद अन्य कंपनियों के नूडल की भी जांच करेगी।

कंपनी की सफाई से संतुष्ट नहीं
इस पूरे विवाद पर नेस्ले की ओर से आई सफाई को स्वास्थ्य मंत्री ने खारिज कर दिया। सत्येंद्र जैन ने कहा कि नेस्ले के कुछ अफसरों ने बुधवार सुबह मुझसे मुलाकात की थी। उनका कहना था कि मैगी में लेड जैसे तत्वों की मात्रा सीमित है। लेकिन मैं उनकी सफाई से संतुष्ट नहीं हूं। हमने भी 13 नूमनों की जांच करवाई थी, जिसमें 10 के फेल हो जाने के बाद इसकी बिक्री पर रोक लगाई गई है।

मैगी बिकती देखें तो करें शिकायत
दिल्ली सरकार ने मैगी नूडल्स की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई है। इस मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा, यदि कोई भी व्यक्ति मैगी की बिक्री होते हुए देखता है तो वह इसकी शिकायत सरकार से कर सकता है।

कई स्टोर से हटाया गया स्टॉक
केंद्र सरकार के केंद्रीय भंडार, आर्मी-पुलिस की 3500 कैंटीन, बिग-बाजार समेत फ्यूचर ग्रुप के स्टोर ने भी अपने यहां मैगी का स्टॉक हटा दिया है। फ्यूचर ग्रुप ने फैसला किया है कि जब तक मैगी पर कोई अंतिम फैसला नहीं आ जाता वह अपने स्टोर में मैगी नहीं रखेगा। वहीं केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन को इस मामले में उचित कार्रवाई करने को कहा है।

जांच में लेड की मात्रा ज्यादा पाई गई
दिल्ली में मैगी के 10 नमूनों में लेड तय सीमा से ज्यादा मिला। मसालों के पांच नमूनों में मोनोसोडियम ग्लूटामेट पाया गया है, जबकि लेबल पर इसकी जानकारी नहीं दी गई है। यूपी में तो लेड की मात्रा 2.25 की जगह 17.2 पीपीएम पाई गई।

सेना ने जवानों से मैगी नहीं खाने को कहा
पुलिस के साथ सेना की करीब 2500 कैंटीन में भी मैगी नहीं रखने के आदेश जारी हो गए हैं। इतना ही नहीं सेना ने अपने जवानों को मैगी खाने से बचने की सलाह दी है। 13 लाख से अधिक सैन्यकर्मियों में मैगी सबसे अधिक खाई जाने वाली खाद्य सामग्री है।

अमिताभ-माधुरी और प्रीति पर मुकदमा दर्ज
मैगी का विज्ञापन कर चुके अमिताभ बच्चन, माधुरी और प्रीति जिंटा पर यूपी के बाराबंकी के बाद महाराजगंज में भी केस दर्ज हुआ है। बिग बी का कहना है कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है। जबकि प्रीति ने कहा अब वह मैगी का विज्ञापन नहीं करतीं।

नेस्ले का दावा
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से सूचना मिलने के बाद देशभर में स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने ये नमूने लिए थे। हालांकि नेस्ले इंडिया ने दावा किया है कि बाहरी प्रयोगशाला तथा उसकी खुद की जांच में इन उत्पादों को खाने के लिए सुरक्षित पाया गया है।

सरकार ने लिया संज्ञान
मैगी मामले में नेस्ले कंपनी की मुश्किलें बढ़ सकती है। सरकार ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग (एनसीडीआरसी) के पास भेज दिया है। उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत सरकार ने तीस साल में पहली बार किसी मामले में स्वत:संज्ञान लिया है। उपभोक्ता की अधिकार और हितों की रक्षा के लिए उपभोक्ता संरक्षण कानून 1986 में बनाया गया था।

केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। इसलिए मंत्रालय ने इस मामले को एनसीडीआरसी को उचित कार्रवाई के लिए भेज दिया है। यह सवाल किए जाने पर कि एनसीडीआरसी क्या कार्रवाई कर सकती है, पासवान ने कहा कि इस वक्त कुछ नहीं कहा जा सकता कि एनसीडीआरसी क्या कार्रवाई करेगी।

एनसीडीआरसी अमूमन उपभोक्ता की शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करती है। पर उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत यह भी प्रावधान है कि केंद्र या राज्य सरकार भी शिकायत कर सकती है। पासवान ने कहा कि कानून के तहत दिए गए अधिकार का उपयोग करते हुए मैगी के खिलाफ मंत्रालय ने शिकायत दर्ज कराई है। यह सवाल किए जाने पर उपभोक्ता मंत्रालय ने इस मामले में भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से शिकायत कर चुका है, पासवान ने कहा कि एएसएसएआई को रिपोर्ट इकठ्ठा करने में देर लग रही है। यह मामला उपभोक्ताओं से जुड़ा हुआ है। इसलिए मंत्रालय ने स्वत: संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग में शिकायत की है।

फास्ट फूड सेहत के लिए नुकसानदेह
पासवान ने लोगों के खानपान के तरीके में आ रहे बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि फास्ट फूड सेहत के लिए नुकसानदेह है। एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई में 25 फीसदी लोग घर पर खाना नहीं खाते हैं। इनमें से ज्यादातर लोग फास्ट फूड पसंद करते हैं। जहां तक मैगी का ताल्लुक है नूडल्स को ज्यादातर बच्चे बहुत पसंद करते हैं।

इन राज्यों में प्रतिबंध
दिल्ली
: मैगी के 13 में से 10 नमूने फेल। तय सीमा से ज्यादा लेड मिला। पांच नमूनों में मोनोसोडियम ग्लूटामेट मिला, जिसकी जानकारी पैकेट पर नहीं थी।
केरल : राज्य सरकार द्वारा लिए गए मैगी के ज्यादातर नमूने फेल पाए जाने पर सरकार ने प्रदेश के 1300 सरकारी केंद्रों पर मैगी प्रतिबंधित की।
उत्तराखंड : सेहत के लिए हानिकारक केमिकल पाने पर उत्तराखंड सरकार ने भी मैगी की बिक्री पर रोक लगा दी है।

इन राज्यों में राहत
महाराष्ट्र
: राज्य सरकार द्वारा सोमवार को लिए गए नमूनों की जांच में लेड की मात्रा ठीक पाई गई। हालांकि नमूने दोबारा पुणे लैब में भेजे गए हैं।
कर्नाटक : नमूनों की शुरुआती जांच में यहां भी मैगी सही पाई गई है। बावजूद इसके फिर से लिए गए मैगी के नमूनों को जांच के लिए दोबारा से बेंगलुरु लैब भेजा गया है।
गोवा : यहां नमूनों की जांच के बाद कहा गया है कि राज्य में बिक रही मैगी में लेड की मात्रा ज्यादा नहीं है।

इन राज्यों में जांच जारी
हरियाणा, बिहार, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, गुजरात, पश्चिम बंगाल, एमपी, असम, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी मैगी के नमूने लेने के बाद जांच जारी है।


नेस्ले को घाटा
11.5%
की गिरावट आ चुकी है नेस्ले के शेयर्स में विवाद के बाद
130 देशों में बिकती है स्विट्जरलैंड की बहुराष्ट्रीय कंपनी की मैगी
5.2 अरब मैगी नूडल के पैकेट बेचती है कंपनी देशभर में प्रतिवर्ष
20 फीसदी कंपनी का राजस्व मैगी की बिक्री पर आधारित है
08 हजार करोड़ की कमी आने का अनुमान है कंपनी की मार्केट कैप में

ज्यादा लेड से खतरा
- किडनी के लिए हानिकारक
- न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर पैदा करता है
- लीवर को प्रभावित करता है

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  • Web Title:maggi controversy, paswan said action to be taken after assessment of results