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#Hindi Diwas : इतराइए की आप हिंदी भाषी हैं, पूरी दुनिया में है डंका

#Hindi Diwas : इतराइए की आप हिंदी भाषी हैं, पूरी दुनिया में है डंका

लिखने-पढ़ने की बात हो या बोलने की। देश-दुनिया में हिंदी लोकप्रिय भाषा के रूप में उभर रही है। इंटरनेट से इसे एक नई ताकत दी है। देश के डिजिटल वल्र्ड में तो अंग्रेजी की तुलना में हिंदी सामग्री की मांग पांच गुना तेजी से बढ़ रही है। आइए जानते हैं कि हिंदी भाषी होने पर हमें क्यों गर्व होना चाहिए और क्या हैं चुनौतियां।

सरहदों के पार पहुंचा हिंदी का प्यार

आगरा, देश दीपक तिवारी
हिंदी का प्यार सरहदों के पार पहुंच गया है। हिंदी फिल्में, गीत-संगीत और हिंदी के बोल विदेशियों को हिंदुस्तान खींच लाते हैं। केंद्रीय हिंदी संस्थान में हर साल 40 से अधिक देशों के करीब 100 छात्र-छात्राएं हिंदी सीखने आते हैं। अपने-अपने देश लौटकर वे हिंदी के जरिए रोजगार के अवसर पाते हैं।

आगरा स्थित केंद्रीय हिंदी संस्थान पांच दशक से हिंदी के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत के 20 गैर-हिंदी भाषी राज्यों से हर साल 250 छात्र-छात्राएं यहां हिंदी सीखने आते हैं। साल 2016-17 के लिए 31 देशों के करीब 100 नागरिकों ने यहां दाखिला लिया। संस्थान अब तक एक हजार से अधिक विदेशियों को हिंदी में पारंगत कर चुका है। 

यहां हिंदी सीखने के लिए अफगानिस्तान, अर्मेनिया, बांग्लादेश, चाड, चीन, क्रोएशिया, मिस्र, फिजी, फ्रांस, हंगरी, लिथुआनिया, मॉरीशस, मैक्सिको, मंगोलिया, रूस, स्लोवाकिया, दक्षिण कोरिया, सुरीनाम, श्रीलंका, ताजिकिस्तान, थाईलैंड, त्रिनिदाद टोबैगो, यूक्रेन, उज्बेकिस्तान, वियतनाम आदि देशों से छात्र आते हैं। हिंदी सीख चुके अधिकतर छात्र हिंदी शिक्षण को पेशा बनाते हैं। भारत के साथ व्यापार से जुड़ी कंपनियों में उन्हें आसानी से नौकरी मिल जाती है। उनके सामने दूतावास में अधिकारी, पर्यटक गाइड, अनुवादक आदि बनने के मौके भी होते हैं।

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