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MCD कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, करेंगे दिल्ली को साफ

MCD कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, करेंगे दिल्ली को साफ

दिल्ली के कई इलाकों में लोगों के कूड़े और कचरे से परेशान होने के बीच करीब 15 हजार कर्मचारियों ने उपराज्यपाल नजीब जंग द्वारा 493 करोड़ रुपए उनके वेतन के लिए जारी किए जाने की घोषणा करने के बाद अपनी 12 दिन से जारी हड़ताल समाप्त कर दी, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र और आप सरकार दोनों एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।

नगर निगमों ने कहा कि हड़ताल कर रहे सभी सफाई कर्मचारी काम पर लौट आए हैं और आपात आधार पर पूर्वी दिल्ली तथा नगर के विभिन्न स्थानों से कूड़े के अंबार को साफ किया जा रहा है।

शहर में खासकर पूर्वी दिल्ली में सड़कों पर कूड़े का ढेर लगा हुआ था और उससे होने वाली दुर्गंध ने लोगों को परेशान कर रखा था। सड़कों पर कूड़े के सड़ने से स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी हो गयी थीं। इससे परेशान लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ अपनी नाराजगी का इजहार किया। पूर्वी दिल्ली नगर निगम के प्रवक्ता ने कहा कि औसतन प्रति दिन 2000 से 2000 मीट्रिक टन कूड़ा पैदा होता है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि करीब 500 करोड़ रुपए पहले ही नगर निगमों को जारी किए जा चुके हैं ताकि वे अपने कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर सकें।
    
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एमसीडी के सभी कर्मचारियों को उनके वेतन हर महीने की 10 तारीख को मिल जाएंगे तथा उनके बकाया महंगाई भत्तों का भुगतान एक सप्ताह के अंदर कर दिया जाएगा।

इसके पहले आज दिन में राहुल ने पटपड़गंज में पूर्वी दिल्ली एमसीडी कार्यालय के बाहर आंदोलनरत सफाई कर्मचारियों से मुलाकात की। कर्मचारियों के साथ जमीन पर बैठे राहुल ने केंद्र और दिल्ली सरकार पर अपने लंबे चौड़े वादों को पूरा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया।

राहुल ने कहा कि दिल्ली सरकार कहती है कि यह उनकी जिम्मेदारी नहीं है। यह केन्द्र की जिम्मेदारी है। केन्द्र कहता है कि यह उसकी जिम्मेदारी नहीं बल्कि दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी है।
 
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने हड़ताली सफाई कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जब आप दिल्ली सरकार के पास जायें तो वह कहते हैं कि अपना वेतन केन्द्र से लें। जब आप केन्द्र सरकार के पास जायें तो वह कहते हैं कि दिल्ली सरकार से हासिल करें। सच्चाई यह है कि यह सब महज बहाने हैं। 

दिल्ली में कूड़ा संकट गहराने के बीच भाजपा शासित तीनों नगर निगमों के मेयर ने जंग से मुलाकात की और उनसे हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने पहले ही 493 करोड़ रूपए जारी करने का फैसला किया है।

सिसोदिया ने कहा कि एमसीडी वेतन के लिए कल 513 करोड़ रुपए जारी किए गए। पूर्वी दिल्ली नगर निगम के लिए 180 करोड़ रुपए और उत्तरी क्षेत्र के लिए 333 करोड़ रुपए हैं। 

इस बीच, भाजपा शासित नगर निगमों पर तीखा हमला बोलते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने उन्हें दुनिया में सबसे ज्यादा भ्रष्ट करार दिया। इसके साथ पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राष्ट्रीय राजधानी को छोड़ देने का आरोप लगाया जबकि यह सफाई की गंभीर समस्या का सामना कर रहा है।
   
पार्टी नेता दिलीप पांडे ने आरोप लगाया कि भाजपा ने दिल्ली को कूड़ेदान में बदल दिया है। उन्होंने नगर निगम में कथित तौर पर 22 हजार फर्जी कर्मचारी होने संबंधी रैकेट की जांच कराए जाने की मांग की।
    
पांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री के पास मंगोलिया के लिए करोड़ों रूपए हैं लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि उनके पास मंगोलपुरी के एमसीडी सफाई कर्मचारियों के लिए पैसे नहीं हैं।

उपराज्यपाल द्वारा दी गई मंजूरी के तहत उत्तरी दिल्ली नगर निगम को 326 करोड़ रुपए और शेष राशि पूर्वी दिल्ली नगर निगम को मिलेगी।
 
उत्तरी दिल्ली के मेयर रवींद्र गुप्ता ने कहा कि 326 करोड़ रुपए की राशि कर्मचारियों का मई, 2015 तक का वेतन देने के लिए पर्याप्त नहीं है।

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  • Web Title:delhi high court directs delhi govt to release salary of east mcd employees