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सुषमा-ललित मोदी विवाद पर विपक्ष ने तेज किए हमले, सरकार खड़ी विदेश मंत्री के साथ

सुषमा-ललित मोदी विवाद पर विपक्ष ने तेज किए हमले, सरकार खड़ी विदेश मंत्री के साथ

घोटाले के आरोपी पूर्व आईपीएल प्रमुख ललित मोदी को ब्रिटिश यात्रा दस्तावेज प्राप्त करने में मदद करने को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज एक बड़े विवाद में घिर गईं हैं। आइये आपको बताते हैं क्या है पूरा मामला और कैसे विवादों में घिरीं सुषमा स्वराज....

सुषमा की जुबानी, पूरी कहानी
सुषमा स्वराज के अनुसार जुलाई 2014 में ललित मोदी ने उनसे बात की और कहा कि उनकी पत्नी कैंसर से पीड़ित है और 4 अगस्त को पुर्तगाल में उनकी सर्जरी होनी है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कागजात पर हस्ताक्षर करने के लिए उनको मौजूद रहना है। उन्होंने लंदन में ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स के लिए अप्लाई किया है और ब्रिटेन सरकार दस्तावेज देने के लिए तैयार है। मगर यूपीए सरकार के एक सर्कुलर की वजह से वे ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि इससे भारत-ब्रिटेन संबंधों पर असर पड़ेगा।

सुषमा ने कहा कि मानवीयता के आधार पर मैंने ब्रिटिश हाई कमिश्नर से बात की और कहा कि ब्रिटिश सरकार अपने नियमों के अनुसार ललित मोदी के आग्रह की जांच करे। मैंने कहा कि अगर ब्रिटिश सरकार उन्हें ट्रैवल डॉक्यूमेंट देने का निर्णय करती है, तो इससे द्विपक्षीय संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके बाद ब्रिटिश सांसद कीथ वाज ने भी मुझसे बात की और मैंने उनसे भी जांच के बाद ललित मोदी का आग्रह स्वीकार करने को कहा।

ऐसे मिले ललित मोदी को ट्रैवल डॉक्यूमेंट
31 जुलाई को कीथ वाज ने वीजा एवं आव्रजन प्रमुख सारा रैपसन को मेल कर कहा कि भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का कहना है कि ललित मोदी को ट्रैवल डॉक्यूमेंट देने के मामले में भारत सरकार को कोई आपत्ति नहीं है और इससे दोनों देशों के संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

1 अगस्त को रैपसन ने वाज को मेल कर कहा कि ललित मोदी के वकील को हमने डॉक्यूमेंट सौंप दिए हैं। रैपसन के मेल के कुछ ही घंटों बाद ललित मोदी ने कीथ वाज, सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल, सुषमा की बेटी बांसुरी कौशल को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद देते हुए एक मेल भेजा।

ललित मोदी पर ये हैं आरोप
ईडी ने ललित मोदी पर फेमा कानून के उल्लंघन के तहत केस दर्ज कर रखे हैं। ललित मोदी ने वर्ल्ड स्पोर्ट्स को आईपीएल के प्रसारण के लिए 425 करोड़ का ठेका दिया था। ईडी इसकी जांच कर रही है। आरोप है कि इसमें 125 करोड़ ललित मोदी को मिले थे। ललित मोदी के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया, जिसमें भारत के अंदर किसी भी एयरपोर्ट और बंदरगाह पर उनको देखा जाता है, तो उन्हें तुरंत ईडी के हवाले कर दिया जाएगा।

ललित मोदी साल 2010 से लंदन में रह रहे हैं। ईडी के द्वारा पहली बार पूछताछ करने के बाद ही मोदी लंदन चले गए थे और तब से भारत नहीं लौटे हैं। यूपीए सरकार ने मार्च 2011 में मोदी के पासपोर्ट को रद्द कर दिया था, लेकिन अगस्त 2014 में दिल्ली हाईकोर्ट ने ललित मोदी के पासपोर्ट को रद्द करने के केंद्र सरकार के आदेश को असंवैधानिक करार दिया।

ऐसे जुड़े हैं संबंधों के तार
सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी कौशल ललित मोदी की लीगल टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। दिल्ली हाईकोर्ट में ललित मोदी के पासपोर्ट मामले में बांसुरी उस लीगल टीम का हिस्सा रही हैं, जिसने यह मामला अप्रैल 2012 से अगस्त 2014 तक लड़ा था।

वहीं, ऐसी खबरें है कि सुषमा के पति ने अपने भतीजे के 2013 में ब्रिटेन की ससेक्स यूनिवर्सिटी के लॉ कोर्स में एडमिशन में ललित मोदी से मदद मांगी थी। तब सुषमा लोकसभा में नेता विपक्ष थीं। हालांकि सुषमा ने इन खबरों को खारिज किया है।

संडे टाइम्स में क्या छपा?
ब्रिटिश सांसद कीथ वाज ने सुषमा स्वराज का नाम लेकर ब्रिटिश अधिकारियों पर ललित मोदी को जल्द से जल्द वीजा जारी करने का दबाव बनाया। ब्रिटिश अखबार संडे टाइम्स ने ये खुलासा किया। संडे टाइम्स ने छापा कि ब्रिटेन में लेबर पार्टी के सांसद कीथ वाज ने वीजा-इमीग्रेशन विभाग की मुखिया सारा रैपसन को खत लिखकर ललित मोदी के मसले को जल्द से जल्द निपटाने कहा था। वाज ने अपनी चिट्ठियों में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के नाम लेकर दबाव भी बनाया था।

वहीं, कीथ वाज ने संडे टाइम्स के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने सामान्य प्रक्रिया के तहत ललित मोदी का मामला निपटाया था। संडे टाइम्स के खुलासे के बाद ब्रिटेन के कंजरवेटिव पार्टी के सांसद एंड्रूय बिजन ने कीथ वाज के खिलाफ जांच कराने की मांग की है।

विपक्ष ने हमले तेज किए
दूसरी तरफ विपक्ष ने सुषमा पर हमला तेज़ कर दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं यह उम्मीद नहीं करता कि सुषमा स्वराज जी यात्रा दस्तावेज हासिल करने में ललित मोदी को मदद करेंगी, जिसके खिलाफ सरकार ने लुक-आउट नोटिस जारी किया हुआ था...मैं सुषमा स्वराज जी से अपील करता हूं कि वह नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा दें।

सुषमा के साथ खड़ी सरकार
सुषमा स्वराज के बचाव में सरकार सामने आ गई है। सरकार की तरफ से गृह मंत्री राजनाथ ने कहा कि सुषमा ने मानवीय आधार पर किसी की मदद करके कोई गलती नहीं की है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि इस पर हो हल्ला मचाने की जरूरत नहीं है। यह मानवीय भावना से प्रेरित होकर किया गया काम है।

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  • Web Title:Sushma Swaraj and Lalit Modi controversy