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राम मंदिर का भव्य निर्माण जल्दी होना चाहिए: कटियार

राम मंदिर का भव्य निर्माण जल्दी होना चाहिए: कटियार

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और राम मंदिर आंदोलन के कद्दावर नेता रहे विनय कटियार ने भूमि अधिग्रहण की तरह अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की आज मांग की। कटियार ने कहा कि राम मंदिर के लिए रामभक्तों ने काफी कुर्बानियां दी हैं, इसलिए इस मुद्दे को अब ज्यादा दिन टाला नहीं जा सकता। भूमि अधिग्रहण की तरह राम मंदिर के भव्य निर्माण के लिए भी अध्यादेश लाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर का भव्य निर्माण जल्दी होना चाहिए, क्योंकि इसे अब लटकाया गया तो रामभक्तों का गुस्सा फूट सकता है। राम भक्तों ने इसके लिए काफी बलिदान दिया है। उनके बलिदान को दरकिनार नहीं किया जा सकता। मंदिर निर्माण के लिए दो सगे भाइयों ने भी अपनी जान दी थी। रामभक्तों ने काफी अपमान सहा है।

छह दिसम्बर 1992 को अयोध्या में बाबरी ढांचा गिरवाने में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंहराव की भूमिका होने का दावा करते हुए कटियार ने कहा कि अयोध्या मुद्दे को उलझाने में कांग्रेस का बड़ा हाथ रहा है। बाबरी ढांचे को गिरवाने में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंहराव की भूमिका थी।

बजरंग दल के संस्थापक अध्यक्ष ने कहा कि राव ने अपने प्रधानमंत्रित्वकाल में मंदिर-मस्जिद विवाद का हल बातचीत से कराने की पहल की थी। उन्होंने चार-चार महीने का समय भी मांगा था। हम लोगों ने समय भी दिया था, लेकिन उनकी बात से लगने लगा था कि वह मामले के हल के बजाय बाबरी ढांचे को गिरवाने में ज्यादा इच्छुक थे।

भाजपा सांसद ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में बहुत रक्त बहा है। गोधरा कांड और गुजरात के दंगे भी अयोध्या के ही कारण हुए थे। कारसेवकों को गोधरा में मारा नहीं जाता तो गुजरात के दंगे नही होते। उन्होंने कहा कि इस मसले का हल बातचीत या कानून के जरिये जल्द से जल्द होना चाहिए। उनका कहना था कि भूमि अधिग्रहण के लिए अध्यादेश आ सकता है तो राम मंदिर निर्माण के लिए क्यों नहीं।

उन्होंने कहा कि यह सन्देश जाना चाहिए कि सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए प्रयत्नशील है। उन्होंने कहा कि बातचीत से इस मसले का हल निकालने का ठोस प्रयास किया जाना चाहिए। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ की विशेष पूर्ण पीठ ने 30 सितम्बर 2010 को बता ही दिया है कि विवादित स्थल रामजन्म भूमि है।

कटियार ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब साफ हो गया है कि राम जन्मस्थल निर्विवाद है, हालांकि यह सही है कि मामला इस समय उच्चतम न्यायालय में लंबित है, लेकिन एक बडी अदालत ने तय कर दिया है कि राम जन्मभूमि कहां है।

गौरतलब है कि केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में अपने अयोध्या दौरे में कहा था कि उच्च न्यायालय का निर्णय आ गया है, इसलिए उच्चतम न्यायालय के फैसले का इन्तजार किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी का बहुमत नहीं है इसलिए मंदिर निर्माण के लिए कानून बन पाना मुश्किल है।

दूसरी ओर, कटियार के बयान की निन्दा करते हुए आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जिलानी ने कहा कि मामला उच्चतम न्यायालय मे चल रहा है इसलिए संसद में इस संबंध में विधेयक पेश ही नहीं किया जा सकता और न ही अध्यादेश लाया जा सकता है। उन्होंने कटियार के बयान को साजिश करार दिया।

इस बीच, बाबरी मस्जिद के वयोवृद्ध मुद्दई मोहम्मद हाशिम अंसारी ने कटियार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस समय उनका महत्व घट गया है, इसलिए वह ऐसा बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में विनय कटियार के साथ कोई नहीं है। अपना महत्व बढाने के लिए कटियार इस तरह के वक्तव्य दे रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष किया कि लगता है प्रधानमंत्री कटियार से खुश नहीं हैं, इसलिए वह अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए राम मंदिर के संबंध में ऐसे बयान दे रहे हैं।

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  • Web Title:Ram Mandir issue can not be ignored by any govt, says Vinay Katiyar