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कोर्ट ने तोमर को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा, दिया थाने से इस्तीफा

कोर्ट ने तोमर को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा, दिया थाने से इस्तीफा

केजरीवाल सरकार में कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर को मंगलवार सुबह फर्जी डिग्री के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने शाम को उन्हें कोर्ट में पेश किया। साकेत कोर्ट ने 70 मिनट चली बहस के बाद तोमर को चार दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। रात 10 बजे तोमर ने थाने से ही इस्तीफा भेज दिया। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस्तीफे की पुष्टि की है।

नैतिकता के आधार पर इस्तीफा
तोमर ने कहा, ‘मैंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया है ताकि पार्टी व सरकार की छवि को नुकसान न पहुंचे। यह गहरी साजिश है, जेल से छूटने के बाद इसका पर्दाफाश करूंगा।’

दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि तोमर की गिरफ्तारी जांच के बाद की गई है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी और उसके बाद ही कार्रवाई की गई है।

वहीं इससे पहले दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने भी कहा कि कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर को फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने प्रोटोकोल का पूरा पालन किया है। बस्सी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हमने कानून के तहत काम किया है। कुछ दिन पहले इस मामले में एक शिकायत मिली थी और उसी शिकायत के आधार पर आगे कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कल रात हौजखास थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसके बाद आज सुबह तोमर को गिरफ्तार किया गया।         

तोमर की कथित नकली डिग्री के मामले में हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें एम्स में मेडिकल टेस्ट के लिए लेकर गई। अभी तोमर को पुलिस साकेत कोर्ट में पेशी के लिए लेकर पहुंची है।

गौरतलब है कि केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच प्रशासन संबंधी अधिकारों को लेकर चल रही तनातनी के बीच मंगलवार को एक और नाटकीय घटनाक्रम सामने आया, जब पुलिस ने कानून की फर्जी डिग्री के मामले में दिल्ली सरकार के कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना को सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने राजनीतिक षडय़ंत्र करार दिया और इसे अपने भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान से जोड़ने की कोशिश की।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि तोमर को धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस उपराज्यपाल (नजीब जंग) और केंद्रीय गृह मंत्री के अधीन काम करती है। फरवरी महीने में दिल्ली की सत्ता संभालने वाली आम आदमी पार्टी (आप) ने पुलिस पर प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया है। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष राम निवास गोयल ने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी के बारे में सूचना नहीं दी गई।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल नजीब जंग पर आपातकाल जैसा माहौल बनाने का आरोप लगाया और कहा कि आप सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान से घबराकर निहित स्वार्थी लोग राज्य सरकार के खिलाफ गोलबंद हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप झुकेगी नहीं। सिसोदिया ने कहा कि तोमर की फर्जी डिग्री का मुद्दा न्यायालय में है, बावजूद इसके आज सुबह 40 पुलिसकर्मी उनके कार्यालय पहुंचे और उन्हें अपने साथ उठा ले गए, जैसे वह कोई भगोड़े हों। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तोमर से कहा कि वे कुछ दस्तावेजों की तलाशी लेने आए हैं.. और उन्हें साथ घर चलने के लिए कहा। उसके बाद बीच रास्ते में उनके चालक से उतरने के लिए कहा और उन्हें बताया कि उन्हें हिरासत में लिया गया है।

सिसोदिया ने कहा कि पुलिस ने तोमर से कहा कि किसी से कह कर दस्तावेज पुलिस थाने मंगवा लें। उन्होंने कहा कि यह सब क्या हो रहा है? क्या वह (तोमर) कहीं भाग रहे थे? क्या उन्होंने दिल्ली में बम विस्फोट कराया? उनके खिलाफ सिर्फ आरोप दर्ज हैं और मामला न्यायालय में है। आखिर उनको गिरफ्तार करने की जरूरत क्या थी? उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ तो गड़बड़ है..यह गिरफ्तारी गैरकानूनी है। यह आपातकाल जैसी स्थिति है। क्या इसे लोकतंत्र कहते हैं..हो सकता है यह आप को सबक सिखाने के लिए किया गया हो।

इस बीच तोमर का परिवार और आप के समर्थक बड़ी संख्या में वसंत विहार पुलिस थाने के बाहर इकळा हो गए, जहां तोमर से पूछताछ चल रही थी। तोमर की गिरफ्तारी ने दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच प्रशासन संबंधी अधिकार को लेकर जारी तनातनी की आग में घी का काम किया है। आप नेता संजय सिंह ने कहा कि पुलिस ने तोमर को बिना कोई पूर्व सूचना के गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि यदि यह मामला फर्जी डिग्री का है, तो केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और राम शंकर कठेरिया को भी बिना कोई नोटिस दिए पुलिस थाने ले जाना चाहिए।

तोमर ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार क्यों किया। उन्होंने कहा कि 30-40 पुलिसकर्मी आए और मुझे बिना कोई सूचना दिए पुलिस थाने साथ चलने के लिए कहा। दिल्ली पुलिस ने कहा कि तोमर को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि तोमर के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में दो मामले लंबित हैं। एक में उनपर विधि में स्नातक की फर्जी डिग्री के आधार पर अपना नाम अधिवक्ता के तौर पर पंजीकृत कराने का आरोप है, जबकि दूसरा मामला उनका निर्वाचन रद्द करने की अपील से संबंधित है। वहीं तोमर का कहना है कि उनकी कानून की डिग्री असली है।

कांग्रेस ने घटना के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा तोमर वाले मामले ने उनकी स्वच्छ राजनीति के दावे को धराशायी कर दिया है। कांग्रेस ने केजरीवाल और तोमर दोनों के इस्तीफे की मांग की।

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली सरकार के कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की कथित नकली डिग्री के मामले में हुई गिरफ्तारी के पीछे उनके मंत्रालय की भूमिका होने के आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि गृह मंत्रालय गिरफ्तारी के आदेश नहीं देता। गृह मंत्री ने दिल्ली सरकार के कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी के लिए आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा गृह मंत्रालय को जिम्मेदार बताने के आरोप के बारे में संवाददाताओं के सवाल पर आज यहां कहा कोई भी गिरफ्तारी कानून के तहत की जाती है, दिल्ली सरकार के कानून मंत्री की गिरफ्तारी में गृह मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं है, गृह मंत्रालय गिरफ्तारी के आदेश नहीं देता।

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  • Web Title:Delhi Law Minister Jitender Singh Tomar Arrested