DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

'देख नहीं सकती तो क्या, देश की सेवा तो कर सकती हूं'

'देख नहीं सकती तो क्या, देश की सेवा तो कर सकती हूं'

देश की पहली पूरी तरह से दृष्टिबाधित आईएफएस अधिकारी एन एल जेफाइन बतौर अपने करियर में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उनका कहना है कि भारत का विश्व भर में प्रतिनिधित्व करने को उत्सुक हैं। तमिलनाडु की रहले वाली 25 वर्षीय जेफाइन को पिछले सप्ताह ही नियुक्ति पत्र मिला है। 

जेफाइन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले सप्ताह उन्हें नियुक्ति पत्र मिला है और 60 दिनों के भीतर रिपोर्ट करने को कहा गया है। इसको लेकर वह उत्साहित हैं और जल्द से जल्द दिल्ली रवाना होना चाहती हैं। साहित्य में स्नातक जेफाइन ने कहा कि स्कूली दौर में दृष्टिबाधित होने की चुनौती ही उनकी प्रेरणा में तब्दील हो गई। उससे उन्हें लोकसेवा आयोग की परीक्षा में मदद मिली।

जेफाइन ने कहा कि उन्हें बताया गया कि नरेंद्र मोदी सरकार की प्रोत्साहित करने वाली नीति से उन्हें उनकी नियुक्ति में आने वाले किसी संभावित प्रक्रियात्मक विलंब को पार पाने में मदद मिली। उन्होंने प्रधामंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि हालांकि, मैं आईएफएस के लिए पात्र थी। लेकिन पूरी तरह से दृष्टिहीन को इससे पहले यह पद नहीं दिए गए। लेकिन जो पत्र मिला है उसमें बताया गया कि वह भारत और विदेश दोनों में नियुक्ति के लिए योग्य हैं और वह इसको लेकर खुश हैं।

गौरतलब है कि उन्होंने वर्ष 2014 में परीक्षा दी थी और एक वर्ष के इंतजार के बाद विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह उन्हें आदेश भेजे।

अभिभावकों को दिया श्रेय
जेफाइन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उन्होंने कहा कि पिताजी जहां कहती थी उन्हें ले जाते थे। परीक्षा की तैयारी करने के लिए वह ही किताबें खरीद कर लाते थे। जबकि मां हमेशा पढ़ाई में उनकी मदद करती थीं। जेफाइन फिलहाल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में पीओ पद पर तैनात हैं। उन्होंने इनके अलावा राज्य की मुख्यमंत्री जे जयललिता, केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और एसबीआई कर्मचारियों को भी शुक्रिया कहा।
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Beno Zephine becomes first 100 percent blind officer in IFS