दलित समुदाय में पैठ बनाने के लिए कांग्रेस और भाजपा में जंग हुई तेज

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राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दलित समुदाय में पैठ बनाने के लिए कांग्रेस और भाजपा में जंग तेज हो गई है। कांग्रेस के बाद अब केंद्र सरकार ने भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती को व्यापक रूप से...

दलित समुदाय में पैठ बनाने के लिए कांग्रेस और भाजपा में जंग हुई तेज
राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दलित समुदाय में पैठ बनाने के लिए कांग्रेस और भाजपा में जंग तेज हो गई है। कांग्रेस के बाद अब केंद्र सरकार ने भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती को व्यापक रूप से मनाने का फैसला किया है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 19 सदस्यीय समिति गठित की गई है।

सरकार ने जयंती वर्ष में 16 बड़े काम शुरू किए हैं। इसमें हर साल 14 अप्रैल को समरसता दिवस के रूप में मनाने, अंबेडकर के दिल्ली व लंदन के निवास स्थानों को स्मारक के रूप में विकसित करने, डाक टिकेट और सिक्के जारी करने के साथ अगले साल गणतंत्र दिवस परेड में अंबेडकर पर एक विशेष झांकी निकालना शामिल है।

साल भर चलेंगे 16 बड़े कार्यक्रम

केंद्रीय मंत्रिमंडल की शनिवार को हुई बैठक के बाद संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अंबेडकर की विचारधारा और सिद्धांतों को बढ़ावा देने के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर की जा रही 16 बड़ी गतिविधियों के बारे में कैबिनेट को अवगत कराया गया।

इन गतिविधियों में 197 करोड़ रुपये की लागत से 15, जनपथ में अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र की स्थापना किया जाना भी शामिल है। 26 अलीपुर दिल्ली में 99 करोड़ रुपये की लागत से अंबडेकर स्मारक की स्थापना करना शामिल हैं।

इस जगह अंबेडकर एक नवंबर, 1951 से छह दिसंबर, 1956 तक रहे थे। सरकार लंदन के अंबेडकर के रहने की निजी जगह को भी खरीद कर उसे स्मारक का रूप देगी।

सरकार ने जानी मानी हस्तियों के आलेखों वाली एक पत्रिका निकालने, अंबेडकर फाउंडेशन द्वारा गठित वर्तमान अंबेडकर पीठों द्वारा 12 व्याख्यानों की श्रंखला आयोजित करने, अंबेडकर से जुड़े दो महत्वपूर्ण स्थलों दीक्षा भूमि व चैत्य भूमि के विकास, उनके योगदान पर संगोष्ठियां आयोजित करने तथा 100 विद्यार्थियों को (सरकारी खर्च पर)  यूनिवर्सिटी ऑफ कोलंबिया और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ने भेजने की भी योजना बनाई है। इन शिक्षा संस्थानों में अंबेडकर ने अध्ययन किया था।

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बनी आयोजन समिति

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में गठित समिति में केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, एम वेंकैया नायडू, स्मृति ईरानी, सदानंद गौड़ा, रामविलास पासवान और सुरेश प्रभु समेत कुछ प्रमुख लोगों को शामिल किया गया है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कार्यक्रम की व्यापक जानकारी देते हुए इस बात पर जोर दिया कि अंबेडकर को सम्मानित करने के कार्यक्रम भाजपा के लिए कोई नई बात नहीं है।

सोनिया ने कहा, अंबेडकर जयंती जोरशोर से मनाएं


बिहार और उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों से पहले दलितों के बीच खोई जमीन को वापस पाने के प्रयास के तहत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं से कहा कि वे भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती मनाने के लिए एक साल तक जोरशोर से कार्यक्रम आयोजित करें।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी दो जून को मध्य प्रदेश के महू में अंबेडकर के जन्मस्थान से रैली कर जयंती कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। बैठक में राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद थे। इनके अलावा पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे, लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के महासचिव दिग्विजय सिंह भी शामिल थे।

यह बैठक उस वक्त हुई जब राहुल गांधी मध्य प्रदेश के महू से अंबेडकर जयंती के एक साल के कार्यक्रम की शुरूआत करने जा रहे हैं। महू बाबा साहेब का जन्मस्थान है।

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