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4 जून, 2020|7:47|IST

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नींद आंख से ओझल रही, चांद रातभर दिखाती रही रोशनी

सीतामढ़ी। नगर प्रतिनिधि

श्री सीतामढ़ी गोशाला के 124 वें गोपाष्टमी महोत्सव पर मंगलवार रात अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन में देश के नामचीन वीर व हास्य रस के कवियों के व्यंग्य बाण से लोग लोटपोट होते रहे। मध्य प्रदेश से आए डॉ.कमलेश राजहंस ने अपनी कविता में किसानों व जवानों चर्चा करते हुए कहा-‘ फूल लिखो, पान लिखो, कहीं गेहूं कहीं धान लिखो, खेत के पास हल लिए किसान लिखों एक निवेदन है तुमसे दुर्गमों में मेरे जवान लिखो, देश के जहां टुकड़े हैं उसे जोड़ कर हिन्दुस्तान लिखो। ने खूब तालियां बटोरी। इलाहाबाद से आयीं पूनम श्रीवास्तव ने अपनी गजल ‘ कमरे में आती रही रोशनी, दिल का दर्द बढ़ाती रही रोशनी, नींद आंखों से ओझल रही, चांद रातभर दिखाती रही रोशनी, रातभर ख्वाब आंखों में आते रहे हं, खून के आंसू रूलाती रही रोशनी ने लोगों का खूब मनोरंजन किया।

कवि सम्मेलन का संचालन कर रहे शंकर कैमूरी ने व्यंग्य का जवाब देते हुए कहा कि ‘ फूल गुलाब हूं, शंकर तेरे खत का जवाब हूं, शंकर जितनी चाहत दिखाओं महकता शबाब हंू सुनाकर वाहवाही बटोरी। वाराणसी से आए सलीम शिवालवी ने ‘ देश अपना है इसे लूट कर खाओ, कालाधन सफेद बना पचा जाओ, नंबर एक से कुछ नहीं होता नंबर दो तो खुली चांद बन छा जाता है के माध्यम से देश के रहनुमाओं पर करारा व्यंग्य किया। पाकिस्तान पर चोट करते हुए अपनी कविता पाठ ‘ पागल कुत्ता है बिना कारण काट लेता है, अमेरिका फेंकता है दोना तो झूठा चाट लेता है सुनाकर खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम का उदघाटन उपाध्यक्ष गणेश प्रसाद स्वर्णकार ने किया।

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  • Web Title:Sleep is hidden from the eye, the moon lights the night shows