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भुवन ही नहीं मसाई योद्धाओं ने भी थामा बल्ला

भुवन ही नहीं मसाई योद्धाओं ने भी थामा बल्ला

बॉलीवुड फिल्म ‘लगान’ में भुवन (आमिर खान) की क्रिकेट टीम ने अंग्रेजों के पसीने छुड़ा दिए थे। ठीक इसी तरह केन्या के मसाई योद्धाओं ने भी अंग्रेजों को गेंद और बल्ले से चुनौती दी है। फर्क सिर्फ इतना है कि भुवन की टीम फिल्मी थी, जबकि मसाई खिलाड़ियों का मैच हकीकत में हुआ। हालांकि, दोनों का मकसद एक ही था ‘समाज की बेहतरी’।

लगान में जहां भुवन ने गांवावालों को कर के बोझ से बचाने को बल्ला थामा था। वहीं योद्धाओं के पारंपरिक लिबास में मसाई युवकों ने रविवार को केन्या के ननयूकी में जानवरों के अवैध शिकार, एड्स व महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए ब्रिटिश सैनिकों को गेंद-बल्ले से दोस्ताना चुनौती दी। मैच ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग व ब्रिटिश आर्मी के सहयोग से हुआ। photo1

8.41 लाख मसाई जाति की कुल आबादी केन्या में, तंजानिया में भी आठ लाख मसाई
मा नाम की भाषा बोलते हैं। जीवशैली जानवरों पर आधारित अर्ध घुमंतू है
पिता सत्तात्मक समाज है, मसाई पुरुष अच्छे लड़ाके और शिकारी होते हैं
1904 व 1911 के समझौते के तहत केन्या के मसाई इलाके में 60% तक की कमी आई photo2

2009 में क्रिकेट से हुई पहचान
मसाई जाति को क्रिकेट से परिचय शोधकर्ता अलिया बाउर ने 2009 में कराया। पुरानी जातियों पर शोध को वह यहां आई। उस दौरान वह क्रिकेट की कमी महसूस कीं। ऐसे में उन्होंने मसाई बच्चों को क्रिकेट सिखाना शुरू किया। photo3 photo4

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