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इंसानों से ज्यादा बड़े पियक्कड़ हैं चिंपांजी

इंसानों से ज्यादा बड़े पियक्कड़ हैं चिंपांजी

चिंपांजी को शराब की लत इंसानों को देखकर लगी या हमने उनसे सीखा, कहना मुश्किल है। मगर पियक्कड़पन में वो कम उस्ताद नहीं हैं। इसका खुलासा हाल ही रॉयल सोसाइटी ओपन साइंस में प्रकाशित एक शोध में हुआ है।

शोध की मानें तो पश्चिम अफ्रीका में चिंपांजी ताड़ के रस से बनी शराब के खासे शौकीन होते हैं। कुछ तो पीकर इतने टुन्न हो जाते हैं कि इंसानों की तरह वहीं लुढ़क जाते हैं। शोधकर्ताओं की मानें तो ताड़ के रस में 6.9 फीसदी अलकोहल होता है। यह मात्रा किसी साधारण बीयर में पाए जाने वाले अलकोहल से अधिक होती है।

गिनी के बूसो में 17 साल तक चले इस शोध में देखा गया कि कुछ चिंपांजी एक झटके में 85 मिलीलीटर तक शराब पी गए, जो एक बोतल वाइन के बराबर है। उनका यह अंदाज पटियाला पेग को टक्कर देने वाला था। यह शोध 1995 में शुरू हुआ था। शोधकर्ताओं का कहना है कि कुछ चिंपांजी किसी पुराने पियक्कड़ की तरह 51 बार अपने इस खास ठेके पर मंडराते देखे गए।

शराब पीने का इनका अंदाज भी बिलकुल इंसानों जैसा ही था। जैसे हम दोस्तों के साथ खास मौकों पर शराब का लुत्फ उठाते हैं, वैसे ही ये भी पूरे झुंड के साथ इस पेय का आनंद लेते हैं। ज्यादा पीकर टुन्न होने के बाद लड़खड़ाना और वहीं लुढ़क जाने की इनकी अदा भी हूबहू इंसानों से मिलती है। हालांकि इनका शराब पीने का अंदाज थोड़ा निराला है। ये इंसानों की तरह बोतल या गिलास से नहीं, बल्कि पत्तियों को ताड़ के रस में डुबोकर उसे चूसते हैं।
 
बीयर से ज्यादा नशीला ताड़
- 6.9 फीसदी इथेनॉल होता है ताड़ के रस से बनी शराब में
- 4.5 फीसदी औसतन अलकोहल होता है बीयर में
- 11 फीसदी के करीब होती है इसकी मात्रा वाइन में
- 12 फीसदी अलकोहल शैंपेन में होता है
- 40 से 95 फीसदी तक होता है अलकोहल रम, जिन, वोदका और व्हिस्की में

शराबी बंदर की तलब
मलेशिया में एक बंदर को शराब की ऐसी लत थी कि पीने के बाद ही वह शांत होता था। शराब की बोतल खोलने और सीधे शराब गटकने का इसे जबरदस्त तजुर्बा था। यह बंदर एक खास शराब कैबरे सॉवीनान का शौकीन था।

सेंट किट्स के कॉकटेल चोर बंदर

यहां के बंदरों को शराब का चस्का कहां से लगा, यह तो नहीं कहा जा सकता है। मगर ये बंदर कॉकटेल के जबरदस्त शौकीन हैं। यहां के तटों पर आराम फरमाते पर्यटकों के कॉकटेल चुराकर पी लेना इनका खास हुनर है। कई बार तो ये बंदर पर्यटकों के हाथ से गिलास तक छीन कर ले गए।

देसी शराब पीकर दंगा मचाने वाला चिंपांजी

शराब पीकर अक्सर इंसानों को हल्ला मचाते हुए सभी ने देखा होगा। यूगांडा के चिंपांजी इस मामले में स्थानीय पियक्कड़ों पर भारी पड़ते हैं। देसी शराब निर्माताओं के ठेकों पर ये चोरी से शराब पीते हैं। इसके बाद जमकर उपद्रव करते हैं। इनके हमलों से कई बार यहां के लोगों की जान पर बन आई है।

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