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मोटापा बना रहा कैंसर का मरीज

मोटापा बना रहा कैंसर का मरीज

आने वाले एक दशक के अंदर मोटापा कैंसर का सबसे बड़ा कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल धूम्रपान कैंसर का सबसे बड़ा कारण है जिसे मोटापा जल्द ही पीछे छोड़ देगा।

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के विद्वानों का कहना है कि अगले 10 साल में अमेरिका और ब्रिटेन में धूम्रपान के मुकाबले मोटापे के कारण अधिक कैंसर होगा। उन्होंने आगाह किया कि न केवल अधिक वजन वाले लोगों में कैंसर के विकसित होने का ज्यादा खतरा है, बल्कि इसका मतलब यह भी है कि उनके मौत की संभावना भी अधिक है। इस खतरे को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर के मामले में कीमोथैरपी और सर्जरी के साथ साथ आहार और व्यायाम को भी मानक उपचार में शामिल किया जाना चाहिए।

पिछले सप्ताह ही ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस के प्रमुख साइमन स्टीवंस ने कहा कि आज के बच्चे कैंसर के बढ़ते खतरे, दिल की बीमारी और खराब स्वास्थ्य का सामना कर रहे हैं और इसका अहम कारण उनका बेहिसाब वजन है। आकलन के अनुसार अकेले ब्रिटेन में हर साल 32 हजार लोग मोटापे से जुड़े कैंसर के कारण मौत में मुंह में समा रहे हैं। शोधकर्ताओं की टीम ने मोटापा व कैंसर के बीच के रिश्तों की पड़ताल के लिए तीन साल तक शोध किया। उन्होंने पूर्व में प्रकाशित अध्ययनों का विश्लेषण किया और कंप्यूटर प्रोग्राम के इस्तेमाल के जरिए भावी प्रवृत्तियों का एक मॉडल तैयार किया। इससे इस संभावना को बल मिला कि मोटापा कैंसर का बड़ा कारण हो सकता है।

20 साल पहले दस्तक दे रहे कुछ कैंसर: कैंसर रिसर्च यूके के क्रिस वुडहाल के मुताबिक मोटापे के कारण कुछ आम कैंसर जीवन में 20 साल पहले ही दस्तक दे रहे हैं, जबकि पहले ऐसा नहीं होता था। इसमें आंत का कैंसर भी शामिल है जो अब साठ साल की उम्र में ही होने लगा है जो पहले प्राय: अस्सी साल की उम्र में होता था।

अहम सुझाव
कैंसर के मामले में कीमोथैरपी और सर्जरी के साथ आहार व व्यायाम को भी मानक उपचार में शामिल किया जाना चाहिए।

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