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हिंदी न्यूज़जिस रास्ते से वन गए थे श्री राम, अब वो रास्ता बनेगा हाईवे

जिस रास्ते से वन गए थे श्री राम, अब वो रास्ता बनेगा हाईवे

भगवान राम की नगरी अयोध्या और उनके वनवास के केंद्र चित्रकूट के बीच राम वन गमन पथ पर गाडि़यां फर्राटा भरेंगी। अवध को चित्रकूट से जोड़ने के लिए राम वन गमन पथ बनेगा। प्रतापगढ़, चित्रकूट के बीच राम वन गमन...

जिस रास्ते से वन गए थे श्री राम, अब वो रास्ता बनेगा हाईवे
लाइव हिन्दुस्तान टीमWed, 27 Jul 2016 01:30 PM
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भगवान राम की नगरी अयोध्या और उनके वनवास के केंद्र चित्रकूट के बीच राम वन गमन पथ पर गाडि़यां फर्राटा भरेंगी। अवध को चित्रकूट से जोड़ने के लिए राम वन गमन पथ बनेगा। प्रतापगढ़, चित्रकूट के बीच राम वन गमन पथ (हाईवे) के लिए वही रूट चुना गया है जिस रास्ते भगवान राम के वन जाने की बात होती है। यह पथ अवध की सीमा रहे श्रृंगवेरपुर (इलाहाबाद) से गुजरेगा। राम वन जाते समय श्रृंगवेरपुर में श्रृंगेरी ऋषि के यहां रुके थे। प्रतापगढ़ और चित्रकूट के बीच प्रस्तावित पथ में शामिल छोटी सड़कों को हाईवे का रूप मिलेगा।

तकरीबन 150 किमी लंबा हाईवे पहले चरण में टू या थ्री लेन का होगा। भविष्य में इसे फोर लेन बनाने की योजना है। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एनएच पांडेय ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी नेशनल हाईवे राम वन गमन पथ का निर्माण करेगी। मुख्य अभियंता के मुताबिक अयोध्या से प्रतापगढ़ के बीच सड़क बनी है। प्रस्तावित मार्ग को उससे लिंक किया जाएगा। 

50 किमी कम होगी दूरी 
इलाहाबाद। राम वन गमन पथ बनने से अयोध्या और चित्रकूट के बीच कम से कम 50 किमी की दूरी कम होगी। अयोध्या या प्रतापग़ढ़ से जाने वाले वाहनों को इलाहाबाद में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। दूरी कम और जाम नहीं होने से वाहनों से आवागमन पर डेढ़ घंटा बचेगा। 

चार जिलों को जोड़ेगा पथ 
राम वन गमन पथ चार जिलों को जोड़ेगा। यह मार्ग प्रतापगढ़ से शुरू होगा। पथ इलाहाबाद, कौशांबी होते हुए चित्रकूट में समाप्त होगा।  

पथ का रूट 
राम वन गमन पथ प्रतापगढ़ के मोहनगंज शुरू होकर जेठवारा, कन्हैयापुर, त्रिलोकपुर (प्रतापगढ़), श्रृंगवेरपुर, कोखराज, कौशांबी होते हुए चित्रकूट जाएगा।   

पुरानी योजना पर अब अमल
राम वन गमन पथ बनाने की योजना डेढ़ दशक पुरानी है। उस वक्त इलाहाबाद को बौद्ध और सिख सर्किट से जोड़ने की योजना थी। राम वन गमन पथ तीसरा सर्किट था। योजना बनाते समय राम वन गमन पथ पर सस्ती सरकारी टूरिस्ट बस चलाने की योजना बनी थी।