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ज्यादा खाने की एक वजह टेंशन भी है, जानें कैसे पाएं छुटकारा

ज्यादा खाने की एक वजह टेंशन भी है, जानें कैसे पाएं छुटकारा

मौजूदा जीवनशैली में तनाव जीवन का पूरक बन गया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस के मुताबिक हमारे देश में हर 20 में से 1 व्यक्ति गहरे मानसिक तनाव से ग्रसित है। इस वजह से पीड़ित व्यक्ति कई बार अन्य गंभीर रोगों का शिकार भी हो जाता है। तनाव, न सिर्फ आत्मविश्वास बल्कि इंसान की निर्णय लेने की क्षमता को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। कुछ लोगों में तनाव के कारण खाने की इच्छा बहुत तीव्र हो जाती है। दरअसल तनाव की इस हालत को स्ट्रेस ईटिंग कहते हैं, जो न सिर्फ मानसिक बल्कि शारीरिक रूप से भी व्यक्ति को काफी नुकसान पहुंचाती है। ज्यादातर मामलों में तनाव की इस स्थिति की अनदेखी होती है।

पीएसआरआई हॉस्पिटल में साइकोलॉजिस्ट कौस्तुभी शुक्ला के अनुसार, ‘तनाव होने पर शरीर की एड्रेनल ग्रंथि से कार्टिसाल  हार्मोन का स्राव होता है, जिससे भूख बढ़ती है। यानी तनाव भूख को बढ़ा देता है। तनाव में अधिक खाने के  कारण अन्य गंभीर रोग जैसे मोटापा, हृदय रोग, अल्जाइमर, डायबिटीज, डिप्रेशन, पेट से जुड़ी बीमारियां तथा अस्थमा होने का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है। 

कैसे बचें तनाव में खाने से

सबसे पहले अपना मेटाबॉलिज्म व हॉर्मोन टेस्ट करवाएं और यह पता लगाएं कि कहीं मेटाबॉलिज्म व पेट से संबंधित कोई बीमारी तो  नहीं, जिसकी वजह से आपको बार-बार भूख लग रही है। दरअसल स्ट्रेस ईटिंग एक ऐसी स्थिति है, जिसको खत्म करने के लिए मेडिकल साइंस में अभी कोई तकनीक या सीधा इलाज नहीं है। तनाव की इस स्थिति को ठीक करने के लिए बिहेवियरल थेरेपी व अन्य क्रिया-कलापों में व्यस्त रहने की सलाह दी जाती है। 

शारीरिक रूप से सक्रिय रहें

दुखी होकर घर में ही बैठे रहने से आप कभी तनाव से बाहर नहीं आ सकेंगी, इसलिए घर से बाहर निकलें, व्यायाम करें और टहलने जाएं। अगर सुबह व्यायाम नहीं कर सकती हैं तो काम के दौरान ही व्यायाम करें। कई व्यायाम ऐसे हैं जिनको ऑफिस में करने से न केवल तनाव दूर होगा बल्कि आपको आराम भी मिलेगा। तनाव अधिक हो रहा है तो दिन में 20 से 30 मिनट की झपकी भी ले सकती हैं।

सकारात्मक रखें सोच

नकारात्मक सोच तनाव का सबसे बड़ा कारण है। जब मन व मस्तिष्क पर नकारात्मकता हावी हो जाती है तो व्यक्ति तनाव व अवसाद का शिकार हो जाता है। यदि मनुष्य जीवन की घटनाओं को सकारात्मकता के साथ स्वीकार करे तभी वह एक सुखी जीवन जी सकता है। नकारात्मक सोच से बचने के लिए जीवन में एक नई शुरूआत करें। कुछ नया काम करने की कोशिश करें। ऐसा करने से आपका दिमाग रचनात्मकता की तरफ जाएगा और नकारात्मकता व तनाव जाता रहेगा।

भावनाएं व्यक्त करें

जब आप बहुत अधिक तनाव महसूस करें तो सबसे पहले अपनी दुख की भावनाओं के जाल से बाहर निकलने के लिए किसी के साथ अपनी परेशानी बांटें। यदि कोई विश्वासपात्र मित्र न हो तो लिखकर, चित्रकारी द्वारा, गीत गाकर या फिर डांस के द्वारा अपने अंदर की भावनाओं को बाहर निकालें।

खुद को व्यस्त रखें

अकेलापन दूर करने के लिए अपना पसंदीदा खेल खेलें या किसी क्लब की सदस्यता लें। स्पोर्ट्स क्लब, कुकरी क्लास, बागवानी या किसी और तरह के क्लास में जाना शुरू करें। इससे न सिर्फ आप कुछ नया सीखेंगी, बल्कि तनाव से भी आपको छुटकारा मिलेगा।

पालतू जानवर के साथ वक्त बिताएं

तनाव में जानवर से अच्छा कोई दोस्त नहीं होता। आप बेझिझक होकर उनसे अपने मन की हर बात कर सकती हैं। यदि आपके पास कोई पालतू जानवर नहीं भी हं तो अपने घर के आस-पास या एनिमल शेल्टर में जाकर वॉलेंटियर बन सकती हैं। मेडिकल साइंस के मुताबिक यह एक बेहतरीन थेरेपी है, क्योंकि जानवर हमें बिना किसी शर्त के प्यार देते हैं। जानवरों के साथ से आत्मश्विास बढ़ता है। तनाव दूर होगा तो अधिक खाने की आदत भी छूट जाएगी।

सामाजिक गतिविधियों में भाग लें

अपने दोस्तों व जान-पहचान के लोगों का नेटवर्क बढ़ाएं। इस काम के लिए केवल सोशल नेटवर्किंग साइट पर ही निर्भर न रहें। यदि नेट पर भी कुछ अच्छे दोस्त मिलें तो उनके साथ भी कुछ समय जरूर बिताएं। इसके अलावा अन्य सामाजिक गतिविधियों में भाग लें।

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  • Web Title:how to get rid of stress eating