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सौ रुपए लेकर घर से निकले तोची आज नामचीन सिंगर

सौ रुपए लेकर घर से निकले तोची आज नामचीन सिंगर

पहले त्रिलोचन सिंह अब तोची रैना। कटहलबाड़ी दरभंगा में नाना के घर जन्मे। मन-मिजाज आध्यात्मिक था। मालिक से मिलने की चाहत में आज से 34 साल पहले दरभंगा से 100 रुपए लेकर निकले। पंद्रह साल के तोची पहुंच गए दिल्ली और वहां गुरु विनोद से संगीत की तालीम लेने लगे। संगीत के प्रति जुनून ने इस दरभंगिया पंजाबी को बॉलीवुड का नामचीन सिंगर बना दिया। अभिनेता रणबीर कपूर अभिनीत ‘ये जवानी है दिवानी और वेकअप सिड’ में गाया उनका गीत ‘रे कबीरा मान जा फकीरा मान जा, ईकतारा’ और आइसा का सुपरहिट गीत ‘गल मीठी-मीठी बोल’ ने उन्हें बॉलीवुड म्यूजिक में स्थापित कर दिया।

मित्रों को याद कर भावुक
1981 के बाद पहली बार बिहार आए तोची रैना रविवार को मीडिया से मुखातिब थे। दरभंगा के अपने बचपन के मित्रों को याद करके वे भावुक हो गए। बताया कि आज भी उनके फोन आते रहते हैं। वैसे कहा कि वे अब केवल बिहार के नहीं बल्कि पूरी दुनिया के हैं। नेपाल और बिहार में हुई भूंकप की त्रासदी ने उन्हें इस कदर झकझोरा कि वे बैचेन हो गए।

भूकंप पीडितों के लिए गाया
बिहार निवासी मित्र अभिषेक के साथ उन्होंने भूकंप पीडितों के सहायतार्थ एक गीत-रूह कमदी खैर मंगदी ए मौला-तैयार किया। उनके मुताबिक कम दिनों में ही गीत को जबरदस्त तरीके से पसंद किया गया है। अभिषेक ने बताया कि महज तीन दिन में यह गीत बनाया गया है। पटना आने का मौका भी संपतचक में भूकंप पीडितों के सहायतार्थ सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन के कारण मिला है।

ए वेडनस डे से मिला मौका
तोची ने अपने बॉलीवुड़ यात्रा की बाबत कहा कि वर्ष 2003 में मुंबई पहुंचे पर गाने का पहला मौका 2008 में मिला। पर इन पांच सालों में वे बॉलीवुड के चर्चित कलाकारों से मिलते रहे और अपनी एक पहचान बनायी। त्रिलोचन से तोची भी यहीं बने। रैना तो उनका गोत्र है। पहला गीत गाया ‘बुल्ले शाह..।’ पिछले सात सालों मे मौसम, नो वन किल्ड जेसिका, आइसा, देव डी, मैक्सिम, आई लव न्यू ईयर, कागज के फूल्स, लव शव ते चिकेन खुराना आदि में गाने गाए। 

तोची के नाना को दरभंगा महाराज ने बुलाया था
तोची ने अपने बिहार कनेक्शन की  बाबत कहा कि 1903 में दरभंगा महाराज ने उनके नाना को पंजाब से बुलाया और वहीं रहने का इंतजाम भी किया। कटहलबाड़ी में उनके नाना को घर मिला था।
 
हर घर से लगे दो पेड़
बचपन से ही विचारों में जीने वाले तोची ने कहा कि प्रकृति के साथ हम लगातार खिलवाड़ करते आ रहे हैं। हम अपने मतलब के लिए पेड़-पौधे काटते जा रहे हैं। इससे हम अपने प्रकृति और अपनी संस्कृति से भी दूर होते जा रहे हैं। अगर हर घर से दो पेड़ लग जाएं तो हर तरफ हरियाली नजर आएगी।

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  • Web Title:Tochi hundred rupees out of the house with a famous singer today