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सावधान: खाने के बारे में सोचने से भी बढ़ता है मोटापा

सावधान: खाने के बारे में सोचने से भी बढ़ता है मोटापा

किसी भी खाने की चीज को देखकर अगर आपके मुंह में पानी आ रहा है तो इससे सतर्क रहने की जरूरत है। यह आपकी दिमागी सोच से संबंध रखता है और इससे व्यक्ति के मोटा होने का खतरा बढ़ जाता है।

एक शोध के मुताबिक, मोटापा दिमागी सोच पर भी निर्भर करता है। जब कोई व्यक्ति किसी खाने-पीने की चीजों को देखता है तो उसके मन में उस खाने की महक के साथ एक तस्वीर बनती है जिससे उसके मुंह में पानी आ जाता है। इससे शरीर का वजन बढ़ने लगता है और व्यक्ति मोटा होने लगता है। शोध में पता चला है कि किसी खाने के बारे में जो व्यक्ति जितना अधिक सोचता है, उसके शरीर का वजन भी उसी तेजी से बढ़ता है।

अमेरिकी राज्य कनेक्टिकट में स्थित येल यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने कहा कि मानसिक कल्पना का खिंचाव भूख को बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण कारक है। इसकी जांच के लिए अलग-अलग दो सर्वे किए गए जिसमें पाया गया कि मोटे लोगों के दिमाग में भूख की इच्छा तेज होती है और खाने के बारे में उनके दिमाग में तस्वीरें भी अधिक बनती हैं।

दिलचस्प शोध
शोध में 27 लोगों से उनकी सोच से संबंधित तीन सवाल किए गए। इसमें से दो सवाल गैर खाद्य वस्तुओं की तस्वीर व महक के बारे में पूछे गए और तीसरा सवाल खासकर खानपान से संबंधित थे। इसके जवाब में लोगों ने बताया कि ताजा बन रहे ब्रेड, बिस्कुट, पॉपकॉर्न आदि की खुशबू से उनके दिमाग में सोच बन रही है। इन लोगों के शरीर की लंबाई व मोटाई की भी माप की गई। इससे पता चला कि खानपान के बारे में जिस व्यक्ति की सोच जितनी तीव्र है उसी के अनुसार उसका वजन भी अधिक है।

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  • Web Title:Thinking about food can increase your wait