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हिंदी न्यूज़इस मंदिर में हुई थी हनुमान चालीसा की रचना...

इस मंदिर में हुई थी हनुमान चालीसा की रचना...

मंगलवार का दिन बजरंग बली का होता है और देशभर में भगवान हनुमान के बहुत सारे मंदिर हैं। लेकिन देश की राजधानी दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस में प्राचीन हनुमान मंदिर का अलग ही महत्व है। यहां पर...

इस मंदिर में हुई थी हनुमान चालीसा की रचना...
लाइव हिन्दुस्तान टीमTue, 22 Sep 2015 01:57 PM

मंगलवार का दिन बजरंग बली का होता है और देशभर में भगवान हनुमान के बहुत सारे मंदिर हैं। लेकिन देश की राजधानी दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस में प्राचीन हनुमान मंदिर का अलग ही महत्व है। यहां पर उपस्थित बाल हनुमानजी स्वयंभू हैं।

पांडवों ने की थी इसकी स्थापना

वैसे तो इस मंदिर में श्रद्धालु रोज ही दर्शन के लिए आते हैं लेकिन मंगलवार को यहां काफी भीड़ रहती है। इस मंदिर का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि माना जाता है कि इसकी स्थापना पांडवों ने की थी। दिल्ली जिसका पहले नाम इंद्रप्रस्थ था, उस पर पांडवों का राज था। पांडवों ने राजधानी में जिन पांच हनुमान मंदिरों की स्थापना की थी यह मंदिर उनमें से एक है।

इसी मंदिर में हुई थी हनुमान चालीसा की रचना
इस मंदिर के बारे में यह भी मान्यता है कि अपनी दिल्ली यात्रा के समय संत तुलसीदास जी भी इस मंदिर में आए थे और पूजन अर्चन किया था। यही नहीं यह भी कहा जाता है कि तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा की रचना इसी मंदिर में की थी।

इसलिए मुगलों ने इस मंदिर को नहीं पहुंचाई को क्षति
मंदिर से जुड़ी एक अन्य मान्यता यह है कि एक बार मुगल सम्राट ने तुलसीदास जी को अपने दरबार में बुलाकर चमत्कार दिखाने को कहा। तुलसीदास जी ने हनुमान जी के आशीर्वाद से जब चमत्कार कर दिखाया तो सम्राट ने प्रसन्न होकर मंदिर के शिखर पर इस्लामी चंद्रमा सहित किरीट कलश लगवाया। यही कारण रहा कि कई आक्रमणों के दौरान मुस्लिम आक्रमणकारियों ने इस्लामी चंद्रमा का मान रखा और कभी भी इस मंदिर को क्षति नहीं पहुंचाई।

पहले से अब तक में हुए बड़े बदलाव
इस समय जो मंदिर है उसकी इमारत आंबेर के महाराजा मान सिंह प्रथम ने मुगल सम्राट अकबर के शासन काल में बनवायी जिसका विस्तार महाराजा जयसिंह द्वितीय ने जंतर मंतर के साथ करवाया। कहा जाता है कि मंदिर के पहले के निर्माण से लेकर अब तक बहुत परिवर्तन हुए, लेकिन हनुमानजी की मूर्ति वहीं पर स्थापित है, जहां शुरू में थी।

मंदिर में बाल हनुमानजी के अलावा श्रीराम-सीता और लक्ष्मण, श्रीराधा कृष्ण, श्री हनुमानजी महाराज, संतोषी माता, शिव शंकर पार्वती, शिवलिंग, नंदी, हनुमानजी का गदा, मां दुर्गा, लक्ष्मी नारायण, भगवान गणेश, मां सरस्वती की मूर्तियां भी स्थापित हैं। मंदिर के बाहर मिठाई और फूलों की कई दुकानें हैं। श्रद्धालु मंदिर में हनुमानजी को लाल रंग का चोला और लड्डू चढ़ाते हैं।

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