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अब तक की सबसे मुश्किल यात्रा पर निकला सौर विमान

अब तक की सबसे मुश्किल यात्रा पर निकला सौर विमान

सौर विमान सोलर इंपल्स-2 अपनी सबसे मुश्किल यात्रा पर निकल चुका है। यह विमान चीन के नानजिंग शहर से प्रशांत महासागर के हवाई द्वीप पर पहुंचेगा। यह यात्रा छह दिन की होगी, जिसमें वह 8200 किलोमीटर की दूरी तय करेगा।

विमान 21 अप्रैल को नानजिंग पहुंचा था। यह भारतीय समयानुसार शनिवार देर रात 12:10 बजे हवाई द्वीप के लिए निकला। हालांकि विमान को  नानजिंग से 5 मई को ही उड़ान भरनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण इसका कार्यक्रम टलता रहा। विमान अपनी यात्रा के दौरान भारत भी आया था और वह अहमदाबाद और वाराणसी में रुका था। विमान अपनी विश्व यात्रा के दौरान 35 हजार किमी. की दूरी तय करेगा।

समुद्री हवाओं से जूझना होगा
नानजिंग से हवाई द्वीप की यात्रा 6 दिन, 6 रात की होगी। विमान 8200 किमी. की दूरी तय करेगा। इस दौरान पायलट आंद्र बोर्शबर्ग को सोने का भी समय नहीं मिलेगा। वह एक बार में सिर्फ 20 मिनट के लिए झपकी ले सकेंगे, क्योंकि विमान इतने ही देर स्वचालित रूप से उड़ सकता है। उन्हें समुद्री हवाओं से भी उन्हें जूझना पड़ सकता है।

यह यात्रा कठिन है, क्योंकि समुद्र से उठने वाली तेज हवाओं के कारण हमें मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। लेकिन विमान में ऑटो-पायलट है। हमारे पास यात्रा के लिए भोजन-पानी की भरपूर व्यवस्था है और हम इस माहौल के लिए प्रशिक्षित हैं।
बरट्रांड पिकार्ड 
(विमान के को-पायलट)

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  • Web Title:By far the most difficult sailed solar plane