Five years have not come to the hospital doctor - पांच साल से अस्पताल नहीं आए डाक्टर साहब DA Image

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पांच साल से अस्पताल नहीं आए डाक्टर साहब

बुखार फैला है और चारों तरफ मरीज परेशान हैं पर डाक्टरों को फिक्र नहीं है। जिलाधिकारी ने शासन को एक रिपोर्ट बनाकर भेजी है जिसमें सभी सीएचसी और पीएचसी की लिस्ट संलग्न कर के स्थिति से अवगत करवाया है। सीएमओ ने जिलाधिकारी को सूचना दी तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया है। लंबे समय से अस्पताल नहीं पहुंचने वाले डाक्टरों की सूचना शासन और महानिदेशालय को पहले भी दी गई पर इसका संज्ञान नहीं लिया गया। जिलाधिकारी जुहैर बिन सगीर ने कहा है कि चिकित्साधिकारियों के अस्पताल नहीं पहुंचने से जनसामान्य को चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। लोग भटक रहे हैं। डाक्टरों की गैर मौजूदगी से स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय कार्यक्रमों पर भी सीधा असर पड़ रहा है। इससे प्रगति प्रभावित होगी। इस मामले में शासन से कार्रवाई की आपेक्षा की है। मुरादाबाद जिले की चार तहसीलों में सीएचसी पीएचसी में न आने वाले डाक्टरों की सूची संलग्न करके भेजी गई है।

सीएमओ की रिपोर्ट के मुताबिक स्थिति

डाक्टर तैनाती कब से अनुपस्थिति

डा. एनएम त्रिपाठी सा. स्वा. केंद्र बिलारी 19.4.11

डा. सुधीर कुमार सा. स्वा. केंद्र कांठ 12.8.11

डा. अनिल कुमार सा. स्वा. केंद्र बिलारी 5.7.12

डा. योगेश कुमार प्रा. स्वा. केंद्र कुंदरकी 7.7.11

डा. पंकज त्यागी प्रा. स्वा. केंद्र ताजपुर 21.7.11

डा. खेमराज सिंह एनसीयू कटघर मुरादाबाद 1.8.13

डा. बजरंग पटेल सा. स्वा. केंद्र ठाकुरद्वारा 28.5.13

डा. शलभ वैश्य सा. स्वा. केंद्र ठाकुरद्वारा 1.10.15

डा. सौरभ शुक्ल कार्यालय 22.10.12

डा. संजय मिश्र कार्यालय 24.6.11

अपने अपने तर्क

उपरोक्त सूची में कुछ उदाहरण दिए हैं नाम तो अभी और भी डाक्टरों के हैं जो छुट्टी पर हैं। डाक्टरों के अलग अलग तर्क हैं। तैनाती के बाद छुट्टी का प्रार्थना पत्र दिया निजी कारण का हवाला दिया और चले गए। कुछ ने एक हफ्ते की छुट्टी की तो कुछ ने अवैतनिक अवकाश का प्रार्थना पत्र देकर छुट्टी ले ली। कुछ ऐसे भी हैं जिनका तैनाती के बाद से पता ही नहीं। कुछ डाक्टरों ने नियुक्ति पत्र भी नहीं लिए।

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