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डिपों में तैनात मेजर ने फांसी पर लटककर की आत्महत्या, हड़कंप

रिमाउंट डिपो में तैनात सेना के मेजर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह पीटी के समय साथियों ने कमरे में मेजर को फांसी पर लटका देखा तो हंडकंप मच गया। सूचना मिलते ही सेना के अधिकारी और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार मेजर पिछले चार माह से मानसिक रूप से बीमार चल रहे थे और उनका उपचार मेरठ के आर्मी हॉस्पिटल में चल रहा था।

देहरादून रोड स्थित सेना के रिमाउंट डिपो में चार माह से मेजर जीएस बाली की तैनाती हुई थी। मूल रूप से जम्मू कश्मीर के बड़गांव जिले में रणकीपुरा गांव में के रहने वाले मेजर जीएस बाली सहारनपुर से पहले जम्मू के राजौरी में तैनात थे। मेजर जीएस बाली मानसिक रूप से बीमार थे और उनका इलाज मेरठ के आर्मी हॉस्पिटल में चल रहा था। बुधवार रात को खाना खाने के बाद वह अपने सरकारी आवास में सोने के लिए गये थे। गुरूवार सुबह छह बजे पीटी में मेजर बाली नहीं पहुंचे तो कमांडेंट ने उनकी जानकारी करने के लिए दो जवानों को भेजा। जैसे ही जवान उनके आवास पर पहुंचे तो वहां को नजारा देखकर चौंक गये। मेजर बाली ने अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मेजर की आत्महत्या की सूचना पर सेना के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारी तुरंत उनके आवास पर पहुंचे। पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई। जनकपुरी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर जनकपुरी शोएब खान ने बताया कि मेजर ने आत्महत्या की है शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सेना के अधिकारियों द्वारा पुलिस को सूचना दी गई थी। वहीं रिमाउंट डिपो के कमांडेंट जीएस मान का कहना है कि मेजर मानसिक रूप से बीमार चल रहे थे और मेरठ के आर्मी हॉस्पिटल में उनका उपचार चल रहा था। आत्महत्या का कदम क्यों उठाया इसकी जांच की जाएगी। परिजनों के सूचना दे दी गई है। मेजर की पत्नी जम्मू में हैं डॉक्टर मेजर जीएस बाली की पत्नी जम्मू में डॉक्टर है। जनवरी में ही उनकी पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया था। जैसे ही उनकी मौत की सूचना पृतक गांव और परिजनों को मिली तो कोहराम मच गया। मेजर का रखा जाता था विशेष ध्यान मेजर जीएस बाली के मानसिक रूप से बीमार होने के कारण उनका उपचार मेरठ के आर्मी हॉस्पिटल में चल रहा था। पहले तो वे अस्पताल में ही भर्ती कराए गये थे, लेकिन हालात में सुधार होने के कारण वापस सहारनपुर लौट आये थे। बीमार होने के कारण मेजर बाली का विशेष ध्यान रखा जाता था।

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  • Web Title:Major posted in the depot hanging