अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मुस्लिमों ने पेश की अनूठी मिसाल, नवरात्रों में नहीं खोलेंगे मीट की दुकान

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बिना लाइसेंस चल रही मीट की दुकानों पर जहां ताले लग गए हैं, वहीं बड़ौत के कुछ लाइसेंसधारी मीट व्यापारियों ने हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल कायम करते हुए नवरात्रों के दौरान मीट की दुकानों को नहीं खोलने का निर्णय लिया है।

शुक्रवार को बड़ौत की कई दुकानें बंद रहीं। उलेमा भी बड़ौत के व्यापारियों के इस फैसले की सराहना कर रहे हैं। बड़ौत के मीट व्यापारी सलीम खान, वसीम, शाबिर ने बताया कि तीन दिन पूर्व इसके लिए कस्बे में व्यापारियों की बैठक आयोजित की गई थी। वक्ताओं ने कहा कि मीट-मांस की बिक्री के कारण हिन्दू भाइयों की भावनाओं को ठेस पहुंचती है, इसलिए मीट की दुकानों को आखिरी नवरात्र तक बंद रखा जाएगा। शुक्रवार को बड़ौत की अधिकतर मीट की दुकानें बंद रही है।

बड़ौत के मीट व्यापारियों का फैसला काबिले तारीफ

अन्य लोगों को भी मीट की दुकानों को आखिरी नवरात्र तक बंद करने की अपील की जा रही है। पहली बार बड़ौत में ऐसा निर्णय लिया गया है।

मौलाना आरिफ उल हक, शहर काजी बड़ौत

बडौत के मीट व्यापारियों द्वारा नवरात्र पर दुकानों को बंद करने का लिया गया निर्णय सराहनीय है। अन्य व्यापारियों को भी इस पर अमल करना चाहिए।

मौलाना जहीर कासमी, अग्रवाल मंडी टटीरी

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Muslims presented unique examples, not sold meat in Navratra