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चन्दा को देख अधेड़ों की मोहब्बत जागी, लगे ठहाके

लखनऊ। निज संवाददाता

जयवंत दलवी के लिखे हास्य नाटक ‘अरे! शरीफ लोग का मंचन गुरुवार को राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में हुआ। निर्देशन की जिम्मेदारी संगम बहुगुणा ने संभाली। नाटक में जहां एक ओर महिलाओं के प्रति पुरुषों के स्वभावगत भावों का हास्य चित्र मंच पर उभरता है, वहीं दूसरी ओर मध्य वर्गीय गृहस्थ महिलाओं के सुलभ गुणों के बिम्ब भी दर्शकों को हास्य के रंग से सराबोर कर देते हैं।

नाटक में दिखाया गया कि मध्यवर्गीय चार परिवार अपने-अपने अधेड़ मुखिया पंडितजी, अनोखेलाल, डा. घटक तथा बिहारी लाल के साथ एक चाल की पहली मंजिल पर रहते हुए एक परिवार को बिम्बित करते दिखाई देते हैं। इसमें लक्ष्मी, कलावती, सरला व अदृश्य बिहारी लाल की पत्नी भी तरह-तरह के हास्य रंग भरते हैं। चाल के ग्राउण्ड फ्लोर पर एक नई किरायेदार चंदा आती है और वह चारों अधेड़ पुरुषों के आकर्षण का केंद्र बन जाती है। लक्ष्मी, कलावती और सरला अपने अधेड़ पतियों की मानसिक स्थिति को समझ कर उनके प्रति शंका से भर जाती है। पुरुषों का चंदा के प्रति आकर्षण कम नहीं होता और महिलाओं को अपने पतियों पर शक बढ़ता ही जाता है। इसी बीच चंदा के कहने पर अनोखेलाल का बेटा गोपी चंदा की ओर से चारों पुरुषों को इत्र लगा पत्र लिखकर एक खेल-खेलता है।

इन पत्रों के भ्रम में पंडित, अनोखेलाल, डा. घटक तथा बिहारी लाल फिजूल की हरकतें कर विशुद्ध हास्य की परिस्थितियां पैदा करते हैं। चारों की हरकतें एक स्त्री के प्रति पुरुषों के अंत:करण में बैठी मनोवृत्ति को परिलक्षित करती है। अंत में नाटक का पटाक्षेप होता है और पूरा खेल खुल जाता है। मंचन में मुख्य रूप से हरीश बडोला, आशुतोष विश्वकर्मा, अंबरीश बाबी, अमरेश आर्य, ममता प्रवीण, अर्चना शुक्ला, जीवन सिंह रावत, सौम्या तिवारी, मनोज वर्मा, आनंद सिंहग, मिन्नी दीक्षित ने अभिनय किया।

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