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गंदगी और जलकुंभी से फिर पटने लगी गोमती

-नाले की गंदगी गिरने नहीं के बड़े दावे भी पड़े फीके

लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता

शहर की लाइफ लाइन कहलाने वाली गोमती नदी फिर से मटमैली होने लगी है। गंदगी का अम्बार लगने के साथ नदी जलकुंभी से पटती जा रही है। बड़े-बड़े दावों के बाजवूद कई नाले अभी भी सीधे गिर रहे हैं जिसके कारण नदी बदबू से भरी गई है। इसकी सफाई के लिये जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर आरोप मढ़ते नजर आ रहे हैं।

पिछली सरकार में गोमती नदी की सफाई के लिये बनायी गई गोमती रिवर फ्रंट परियोजना के तहत डाई फ्रंट वॉल बनाने के साथ कई प्रयास किये गये लेकिन सब के सब धरे के धरे रह गये। गोमती नदी के एक छोटे से हिस्से में ही पानी साफ-सुथरा नजर आ रहा है। गऊघाट से लेकर समतामूलक पुल के पहले तक नदी मटमैली होती जा रही है। इसकी सफाई की ओर जिम्मेदार विभाग कोई चिंता नहीं कर रहे हैं। लोक भारती के सम्पर्क प्रमुख श्रीकृष्ण ने बताया कि पिछली सरकार ने जो कार्य किये वो नदी संरक्षण न होकर दिखावे के लिये किया गया। नदी सफाई का काम सरकारों की स्पष्ट दृष्टि और प्रबल शक्ति के बिना नहीं हो सकता।

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बढ़ती जलकुंभी से मछलियों का जीवन खतरे में

नदी में जलकुंभी और गंदगी के बढ़ने से उसमें आक्सीजन की कमी हो गई है जिसकारण जलीय जीवों के लिये खतरा बना हुआ है। उनका जीवन सुरक्षित नहीं है। पहले भी कई बार जलकुंभी बढ़ने पर नदी में बड़ी संख्या में मछलियां मर चुकी हैं।

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नालों में बढ़ी गंदगी, ट्रीटमेंट प्लांटों की आवश्यकता

शहर का विस्तार होने और आबादी बढ़ने से नालों से आने वाली गंदगी का भार भी बढ़ने लगा है। ट्रीटमेंट प्लांट अधिक न होने के कारण क्षमतानुसार इनका शोधन कर पाना संभव नहीं है। हमने शासन और केन्द्र सरकार को ट्रीटमेंट प्लांट बनाये जाने के लिये प्रस्ताव भेजे हुये हैं।

इं डीएन यादव

महाप्रबंधक, गोमती प्रदूषण नियंत्रण इकाई, जल निगम

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सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को सफाई के लिखा पत्र

जब-जब गोमती में अधिक गंदगी बढ़ती है तो हम सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर सफाई कराने के लिये लिखते हैं। जहां तक हमारे पम्पों तक नदी के रॉ वॉटर के जाने का सवाल है तो हमने पम्प से पहले जालियां लगवा रखी हैं। तीन शिफ्टों में उनको साफ किया जाता है।

एसके वर्मा

महाप्रबंधक जलकल

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सिंचाई विभाग ने साधी चुप्पी

गोमती की गंदगी को लेकर जब सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अभियंताओं से बातचीत करने की कोशिश की गई तो वो अपना नाम और पद न छापने की बात कहकर कुछ भी बताने से बचते नजर आये। बातों ही बातों में अधिकारियों ने यह जरूर स्वीकार किया कि वर्तमान समय में गोमती गंदी है और इसकी सफाई का कार्य प्रभावित हुआ है।

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नालों की संख्या

गोमती में गिरने वाले नालों की संख्या 37

गोमतीनगर विस्तार के नालों की संख्या 07

आबादी बढ़ने से बढ़ी नालों की गंदगी 26

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ट्रीटमेंट प्लांट

दौलतगंज 56 एमएलडी

भरवारा 345 एमएलडी

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