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3 जून, 2020|12:18|IST

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सुलतानपुर में 56 दिन बाद कचहरी में लौटी रौनक, वकीलों की हड़ताल स्थगित

सुलतानपुर में 56 दिन बाद मुख्यालय से तहसील कचहरी तक रौनक लौटी। शुक्रवार को हड़ताल स्थगित कर अधिवक्ता काम पर लौटे आए। मालूम हो कि अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह की गोली मारकर बदमाशों ने 28 अक्तूबर को हत्या की थी। उसी दिन आक्रोशित वकीलों ने बार एसोसिएशन के बैनर तले कलेक्ट्रेट गेट पर रोड जाम कर प्रदर्शन किया था। रोड जाम के खिलाफ पुलिस ने आठ लोगों को नामजद कर 58 वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। हत्या और वकीलों पर मुकदमें के खिलाफ बार एसोसिशन के आह्वान पर 28 अक्तूबर से अधिवक्ता हड़ताल पर थे। अभी तक हत्यारों का सुराग नहीं लग सका है। बार एसोसिएशन के आन्दोलन को यूपी बार काउंसिल ने भी पूरा समर्थन दिया। आरोप है कि अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह को अदालत से सुरक्षा मुहैया कराई गई थी जबकि पुलिस अधीक्षक पवन कुमार ने सुरक्षा वापस ले ली थी। उसके बाद उनकी बदमाशों ने हत्या कर दी। यहां 56 दिन से वकील सीओ सिटी व एसडीएम सदर के निलंबन और एसपी के तबादले पर अड़े हैं। वहीं मृतक अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह के आश्रितों को दस लाख की सहायता और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। सीएम के संज्ञान में मामला लाया गया है। हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण कुमार उपाध्याय ने बताया कि कोर्ट ने अपेक्षा की थी कि मामले की निगरानी हाईकोर्ट कर रहा है, लिहाजा वकील हड़ताल वापस लेकर न्यायिक कार्य करें।