DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जीएसटी में आईडी-पासवर्ड देने का अभियान शुरू

सेक्टर अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

लखनऊ कार्यालय संवाददाता

वाणिज्य कर विभाग ने वैट में पंजीकृत व्यापारियों को आईडी और पासवर्ड देने का सिलसिला गुरुवार से आरंभ हो गया। यह अभियान 15 जून तक चलेगा। विभाग ने सेक्टर अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जीएसटी को लागू करने की तैयारियों पर वाणिज्य कर विभाग कदम-दर-कदम आगे बढ़ रहा है। एडशिनल कमिश्नर विधि विवेक कुमार ने बताया कि गुरुवार से विभाग उन व्यापारियों पर ध्यान देगा जो पंजीकृत तो हैं लेकिन उन्हें जीएसटी के तहत यूजर आईडी और पासवर्ड नहीं मिल पाया है। उनका कहना है कि बहुत से ऐसे व्यापारी हैं जिन्होंने शिविर में पंजीकरण तो कराया लेकिन आगे की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं कर पाए, वे भी इस अभियान के तहत लाभ पा सकेंगे। वैट में पंजीकृत समस्त व्यापारियों के रजिस्टर्ड मोबाइल या ई-मेल पर वाणिज्य कर विभाग द्वारा प्रोविजनल आईडी-पासवर्ड भेज दिया गया है। जिन्हें आईडी-पासवर्ड नहीं मिल पाया है वह इस अभियान के तहत अपने सेक्टर अधिकारी से मिल सकते हैं।

एक पैन पर एक ही टिन मिलेगा

लखनऊ व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री अमरनाथ मिश्र का कहना है कि विभाग अब जीएसटी लागू करने के प्रक्रिया की अंतिम चरण में हैं। ऐसे में जो खामियां हैं उन पर अधिकारियों की विशेष नजर है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा समस्या उन व्यापारियों की है जिन्होंने अभी तक एक पैन कार्ड पर कई फर्मों का पंजीकरण करा रखा है।

जीएसटी में यह व्यवस्था नहीं है। इसमें एक पैन पर केवल एक ही फर्म पंजीकृत हो सकती है। ऐसे में उन व्यापारियों को संशोधन कराने की जरूरत है जो इस दायरे में आते हैं। प्रदेश भर में लगभग 54 हजार ऐसे पंजीकृत व्यापारी हैं जिन्हें यूजर आईडी और पासवर्ड नहीं मिला है। वहीं दस से ग्यारह हजार ऐसे हैं जिनकी एक पैन पर कई फर्म पंजीकृत हैं। इस अभियान के तहत इन व्यापारियों तक विभाग अपनी पहुंच बनाकर जीएसटीएन देने की प्रक्रिया पूरी करेगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:GST launches ID-password campaign