DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नंदिता नारायण डूटा अध्यक्ष चुनी गईं

नई दिल्ली। कार्यालय संवाददाता दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के चुनाव परिणाम घोषित हो गए हैं। वामपंथी संगठन डेमोकेट्रिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) की उम्मीदवार नंदिता नारायण ने अध्यक्ष पद पर कब्जा किया है। उन्हें 2,705 वोट मिले। उन्होंने देशबंधु कॉलेज के अपने करीबी प्रतिद्वंदी अश्विनी सरकार (एएडी-इंटेक) को 785 वोटों से हराया। सेमेस्टर प्रणाली और चार साल के डिग्री प्रोग्राम की आलोचक नंदिता सेंट स्टीफंस में गणित की प्राध्यापिका हैं। वहीं एएडी और इंटेक के संयुक्त प्रत्याशी अश्विनी सरकार को 1, 920 वोट मिले।

जीत के बाद प्रो. नंदिता ने कहा कि ‘इस जीत ने कुलपति की गलत नीतियों के खिलाफ शिक्षकों के आंदोलन को सही साबित किया है। शिक्षकांे ने बड़ी संख्या में चार वर्षीय पाठ्यक्रम के खिलाफ वोट दिया जिसे बिना परामर्श किए बगैर लागू किया गया है। ’ परिषद अब उपाध्यक्ष, सचवि, संयुक्त सचवि और कोषाध्यक्ष का चयन अपने सदस्यों के बीच से करेगी। इस चुनाव में अध्यक्ष पद की दौड़ में रहे किरोड़ीमल कॉलेज के प्रमोद सी शर्मा को 818 और सत्यवती कॉलेज की शीबा सी पांडा को 561 वोट मिले।

अध्यक्ष पद के लिए चार उम्मीदवार मैदान में थे और कार्यकारी परिषद की 15 सीटों के लिए 22 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। बता दें कि इस बार रिकॉर्ड तोड़ 72 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ है। माना जा रहा है कि चार साल के पाठ्यक्रम के चलते शिक्षकों ने बढ़चढ़कर मतदान किया। कार्यकारी में एएडी और इंटेक के खाते में ज्यादा सीटेंडूटा की कार्यकारी परिषद में सबसे अधिक सीटें एएडी-इंटेक के खाते में गई हैं। अधिकतम एएडी-इंटेक के आठ उम्मीदवार, डीटीएफ के चार, एनडीटीएफ और यूटीएफ के एक-एक और समाजवादी शिक्षा मंच के एक उम्मीदवार जीतने में कामयाब हुए हैं।

इंटेक संगठन के डॉ. विनय कुमार, डॉ. मणि भूषण, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. संजय कुमार और अनिता घोष विजयी हुए। एएडी से सीमा दास, डॉ. सीएस रावत, डॉ. सुरेंद्र कुमार ने जीत हासिल की। एनडीटीएफ से सुरेन्द्र कुमार और डीटीएफ से सैकत घोष, देव कुमार, भूपिंद्र चौधरी और विजय वेंकटरमण जीते। इसके अलावा निर्दलीय तौर पर खड़े हरीश खन्ना और संदीप भी जीतकर कार्यकारी परिषद में जगह बनाने में सफल रहे। इन वादों को पूरा करने पर होगा जोर: डूटा अध्यक्ष- शिक्षकों की भर्ती यूजीसी के नियम के मुताबिक हो- भर्ती में प्वाइंट सिस्टम व वीडियोग्राफी न हो, इससे चुनिंदा लोगों को ही मौका मिलेगा- चार साल के पाठ्यक्रम पर दोबारा विचार हो, सबका पक्ष लिया जाए- कार्यकारी परिषद में बनाई गई चयन कमेटी नियमों के विरुद्ध, इसे भंग कराने पर जोर।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:नंदिता नारायण डूटा अध्यक्ष चुनी गईं