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फरीदाबाद के लिए नहीं जाना पड़ेगा नोएडा

नोएडा। ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के लोगों को फरीदाबाद जाने के लिए नोएडा के जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। इसके लिए एनएच-24 से सेक्टर 168 तक हिंडन व यमुना नदी के पुश्ते के किनारे नई सड़क बनाई जा रही...

फरीदाबाद के लिए नहीं जाना पड़ेगा नोएडा
Fri, 18 Nov 2011 01:11 AM
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नोएडा। ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के लोगों को फरीदाबाद जाने के लिए नोएडा के जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। इसके लिए एनएच-24 से सेक्टर 168 तक हिंडन व यमुना नदी के पुश्ते के किनारे नई सड़क बनाई जा रही है। तीन चरणों में हो रहा इसका निर्माण कार्य अगले एक साल में पूरा कर लिया जाएगा। इस सड़क के बीच में पड़ रहे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे के ऊपर एक फ्लाईओवर भी बनाया जाएगा।

ताकि पूरी सड़क पर ट्रैफिक सिग्नल फ्री रहे। यमुना एक्सप्रेस के रास्ते आगरा जाने वाले मेरठ और गाजियाबाद दिशा के राहगीरों को भी इस रास्ते का लाभ मिलेगा। गाजियाबाद में एनएच-24 के पास छिजारसी से ग्रेटर नोएडा के गांव कुलेसरा के पुश्ते के सहारे 70 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण हो रहा है। यहां से यह सड़क 141 सेक्टर होते हुए एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगी। एक्सप्रेस-वे के दूसरी ओर यह सड़क सेक्टर 168 में यमुना के किनारे तक जाएगी।

एक्सप्रेस-वे पर छपरौली गांव के सामने एक फ्लाईओवर बनेगा। जो इस सड़क के लिंक का काम तो करेगा ही। दोनों ओर की सड़क के वाहन एक्सप्रेस-वे पर भी उतर सकेंगे। इस संबंध में नोएडा के चीफ प्रोजेक्ट इंजीनियर संतराम सिंह ने बताया कि योजना के मुताबिक सेक्टर 168 के सामने यमुना पर छह लेन का पुल बनाया जाएगा। जिससे तीनों शहरों की नई कनेक्टिविटी बन सके। तब गाजियाबाद, मेरठ, ग्रेनो और आगरा की दिशा से आने वाले वाहनों को फरीदाबाद जाने के लिए कालिंदीकुंज नहीं जाना पड़ेगा। फिलहाल इन शहरों के लोगों को महामाया फ्लाईओवर और कालिंदीकुंज के जाम से जूझना पड़ता है।

सीपीई ने बताया कि सड़क का काम तो साल भर में पूरा हो जाएगा। फ्लाईओवर के डिजाइन और डीपीआर के लिए कंसलटेंट की तलाश है। बिड जारी हो चुकी हैं। उम्मीद है आठ दिसंबर तक कंसलटेंट नियुक्त हो जाए। नोएडा के इन सेक्टरों के लोगों को मिलेगा लाभनई लिंक रोड के किनारे बसे सेक्टरों 63, 62, 50, 51, 88, फेस टू, 139, 139 ए, 139 बी, 140, 140 ए, 141, 142, 143 के निवासियों और उद्यमियों को नई कलेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। यहां के निवासियों को गाजियाबाद, ग्रेनो, मेरठ और आगरा जाने के लिए नया विकल्प मिल जाएगा।

खादर के गांवों को मिलेगी नई पहचानएक्सप्रेस वे और यमुना के बीच बसे अधिकांश गांव कनेक्टिविटी के अभाव में शहरों से कटे हुए हैं। इस सड़क के बन जाने से सेक्टर 167, 167ए, 168 और 168 ए के आसपास के करीब एक दर्जन गांवों को नई कनेक्टिविटी मिल जाएगी। क्या है परियोजनागाजियाबाद, गुड़गांव और फरीदाबाद के भारी यातायात को दिल्ली में प्रवेश करने के रोकने के लिए वर्ष 1993 में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की संस्तुति पर एफएनजी परियोजना आई। छह लेन के एक्सप्रेस-वे को कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले पूरा करना था। कुछ दिन बाद ही एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने ईस्टर्न पेरीफेरल प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी।

जिससे एफएनजी की प्रासंगिकता पर सवाल खड़े हो गए।क्यों फिर से शुरू हुई योजनाकिसानों के विरोध और हरियाणा सरकार द्वारा रूचि नहीं लेने पर पिछले साल बंद कर दी गई एफएनजी (फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद) योजना पर नोएडा अथॉरिटी ने अपने हिस्से का काम फिर से शुरू कर दिया है। दरअसल नोएडा के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए यह योजना बड़े मायने रखती है। दूसरे यमुना एक्सप्रेस-वे को नोएडा के बाहर से गाजियाबाद और मेरठ को कनेक्टिविटी भी इसी लिंक रोड से मिलेगी। इसके अलावा फरीदाबाद प्रशासन ने भी यमुना पर पुल बनाने के प्रस्ताव पर सकारात्मक सहयोग की हामी भरी है। अथॉरिटी और फरीदाबाद प्रशासन के बीच दो बार हो चुकी बैठकों के बाद फिर से छपरौली के सामने यमुना का पुल बनने की आस जगी है।

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