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सड़कों पर पसरा औषधालय

रांची। कार्यालय संवाददाता खंडों में पनपने वाली लता हड़जोड़ हड्डियों को जोड़ती है। इसको अस्थि श्रृंखला के नाम से जाना जाता है। चतुष्कोणीय तने में ह्दय के आकार वाली पत्तियां होती है। छोटे फूल लगते हैं। आयुर्वेद विशेषज्ञ डां धीरेन्द्र कुमार पांडेय के अनुसार हड़जोड़ में सोडियम, पोटैशियम और कैल्शियम कार्बोनेट भरपूर पाया जाता है। इस पौधे में हड्डियां जोड़ने की भरपूर क्षमता होती है। यह छह इंच के खंडाकार चतुष्कोणीय तनेवाली लता होती है। हर खंड से एक अलग पौधा पनप सकता है।

पत्तियां छोटी-छोटी होती है। और लाल रंग के मटर के दाने के बराबर फल लगते हैं। यह बरसात में फूलती है और जाड़े में फल आते हैं। दक्षिण भारत और श्रीलंका में इसके तने को साग के रूप में प्रयोग करते हैं। औषधीय उपयोग हड़जोड़ में कैल्शियम काबरेनेट और फास्फेट होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। आयुर्वेद में टूटी हड्डी जोड़ने में इसे रामबाण माना गया है। इसके अलावा कफ, वातनाशक होने के कारण बवासीर, वातरक्त, कृमिरोग, नाक से खून और कान बहने पर इसके स्वरस का प्रयोग होता है।

मुख्य रूप से इसके तने का ही प्रयोग किया जाता है। 10 से 20 मिलीलीटर स्वरस की मात्रा निर्धारित है।

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