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8 मई, 2021|7:30|IST

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कहीं आपका पपी बीमारी तो नहीं दे रहा

कहीं आपका पपी बीमारी तो नहीं दे रहा

रेबीज डे (28 सितम्बर) पर विशेष
पेट्स कुछ लोगों के परिवार के सदस्य से कम नहीं होते, लेकिन कई बार ये आपकी खुशियां और सेहत भी छीन सकते हैं, बता रही हैं शाहिना नूर

कुत्ता इनसानों का सबसे वफादार और भरोसेमंद साथी माना जाता है। इनसान और कुत्तों की कई ऐसी कहानियां सुनने को मिलती हैं, जिनके माध्यम से दोस्ती की मिसाल दी जाती है। नए ट्रेंड में कई तरह के पशु-पक्षी पालने का चलन बढ़ गया है। आजकल लोग खरगोश, गिलहरी से लेकर पक्षी तक पालने लगे हैं, लेकिन हम बीमारियों को भी दावत दे रहे हैं। हमें जानवर पालते समय सावधानियां बरतनी होंगी ताकि बीमारियों से महफूज रहें।

कई बीमारियां देते हैं ये पेट्स
कविता शादी के बाद पहली बार कंसीव कर रही थी, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसका एबोर्शन हो गया। घर में मायूसी छा गई। कविता ने जब चेकअप कराए तो डॉक्टरों ने बताया कि टोक्सोप्लाजमोसिस की बीमारी के कारण उसका अबोर्शन हुआ। दरअसल यह बीमारी कविता को उनकी प्यारी बिल्ली से हुई थी, जिसके साथ वो दिन-रात गुजारती थीं। टोक्सोप्लाजमोसिस के अलावा भी कई बीमारियां हैं, जो पशु-पक्षियों से फैलती हैं।

पेट्स से फैलने वाली बीमारियां
कुत्ते के काटने से फैलने वाली रेबीज की बीमारी के बारे में हम सब जानते हैं। इससे इनसान को मतिभ्रम, बेचैनी, पैरालाइसिस, हाइड्रोफोबिया आदि हो जाता है।
बिल्ली से टोक्सोप्लाज्मोसिस बीमारी हो जाती है। इसमें फ्लू के लक्षण दिखाई देते हैं। थकान और बदन में दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं। गर्भवती महिलाओं में इस बीमारी का लार्वा जब संपर्क में आता है तो एबोर्शन हो जाता है।
बिल्ली जब काट ले तो इसे आसानी से न लें। तुरंत इसे साफ करें और डॉक्टर के पास जाएं। बिल्ली के काटने से फोड़े निकल आते हैं। इसके अलावा लसिका गांठ में सूजन, बुखार और सिर दर्द भी हो सकता है।
अगर आपने तोता या मकाउ कॉकटेल पाले हुए हैं तो इससे आपको सीलाकोसिस बीमारी लग सकती है। इससे सर्दी, जुकाम, बुखार, सिरदर्द खांसी और सांस लेने में तकलीफ होती है। इसलिए जब भी इनके संपर्क में आएं तो हाथ में ग्लब्स जरूर पहने रहें।
पेट्स के यूरीन से सालमोनेला संक्रमण होता है। इस बीमारी से पेट में बेहद तीखा दर्द होता है। डायरिया और बुखार इस बीमारी के अन्य लक्षण है।

कैसे बचें इन बीमारियों से
सबसे पहले आप अपने पेट्स का वैक्सिनेशन करवाएं।
अपने कुत्ते पर नजर रखें। इस बात का ध्यान रखें कि कहीं आपका कुत्ता आवारा कुत्तों के संपर्क में तो नहीं है।
डब्ल्यू एच ओ के मुताबिक कुत्तों के काटने से साल भर में 5500 लोगों की मौत रेबीज के कारण होती है। आपके कुत्ते को बाहरी कुत्ते ने काट लिया तो तुरंत घाव साफ कर 24 घंटे के अंदर एंटी रेबीज टीका लगवाएं।

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