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ऐसे सीखी हिन्दी

ऐसे सीखी हिन्दी

ज्यादातर फिल्मी सितारे फिरंग एक्सेंट के साथ हमेशा अंग्रेजी में ही क्यों बातें करते हैं। क्या उन्हें हिन्दी ठीक से नहीं आती। बेशक हिन्दी फिल्मों में काम करने के बावजूद बहुत से फिल्मी सितारों की हिन्दी बहुत खराब है, जिसे सुधारने का जिम्मा विदुर चतुर्वेदी जैसे ट्रेनर्स पर है। हाल ही में कैटरीना कैफ ने उनसे हिन्दी-उर्दू बोलना सीख अपनी डायलॉग डिलीवरी को सुधारा। 

कैटरीना कैफ इन दिनों फिल्म ‘राजनीति’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म के लिए उन्होंने ड्रेसअप के टिप्स किससे लिए, किसे फॉलो किया, सही मूवमेंट के लिए उन्होंने किसकी बॉडी लैंग्वेज का गहराई से अध्ययन किया वगैरह वगैरह। लेकिन इन सब बातों से परे अहम वो है, जिसकी वजह से इस बार कैटरीना सीधे अपने दर्शकों के दिल पर वार करने जा रही हैं।

जी हां, वह होगी कैटरीना की डायलॉग डिलीवरी। कैट ने अपने फिरंग एक्सेंट पर काबू पा लिया है और वो भी मात्र 20 दिनों में, लेकिन ये सब हुआ कैसे। कैट में रातों-रात ये बदलाव कैसे आया। कहीं ये उनका कोई पब्लिसिटी स्टंट तो नहीं, जो अमूमन फिल्मी सितारे अपनी रिलीज से पहले अपनाते ही रहते हैं। कहीं कैट हिन्दी को ठीक ढंग से सीखने की बात का फायदा उठाते हुए हिन्दी पट्टी के फैन्स को अपनी ओर आकर्षित तो नहीं कर रही हैं।

सच ये है कि कैट ने इस काम के लिए इंडस्ट्री में हिन्दी सही ढंग से बोलना सिखाने वाले और डायलॉग डिलीवरी के उस्ताद कहे जाने वाले विदुर चतुर्वेदी से ट्रेनिंग ली है। विदुर मुंबई में क्रिएटिंग कैरेक्टर्स नामक कंपनी चलाते हैं और उन्होंने इंडस्ट्री के बहुतेरे सितारों का ककहरा.. ठीक किया है। इनमें सैफ-करीना से लेकर जॉन अब्राहम, फिरंग एक्सेंट से परेशान रहने वाली लीजा रे से लेकर रणबीर कपूर, रितिक रौशन, नील नितिन मुकेश और प्रियंका चोपड़ा तक बहुतेरे सितारे शामिल हैं।

दरअसल, कैटरीना जब फिल्म ‘न्यूयॉर्क’ में काम कर रही थीं तो यशराज बैनर को लगा कि उनके रोल के हिसाब से उनकी हिन्दी में वो दम नहीं है। यशराज के कहने पर विदुर ने कैट को हिन्दी-उर्दू का भरपूर ज्ञान दे डाला। इस बारे में विदुर कहते हैं, ‘मुझे बताया गया कि कैटरीना का हिन्दी एक्सेंट थोड़ा ठीक करवाना है तो मैंने उनकी आवाज और संवाद अदायगी में एक प्लस प्वाइंट पाया, जो उनके किरदार के हिसाब से काफी मददगार साबित हो सकता था। उनका फिरंग अंदाज उनके देसी लुक के साथ मैच करता था। उन्हें मीना कुमारी या मधुबाला की तरह हिन्दी नहीं बोलनी थी, लेकिन राजनीति के लिए उन्हें थोड़ा अलग अंदाज से बोलना था, जो उन्होंने कर दिखाया।’ कैट को हिन्दी सिखाने के लिए समय का अभाव था तो विदुर ने उनके संवादों को रिकॉर्ड करवा लिया था। वह आगे बताते हैं, ‘कैटरीना को हिन्दी शब्दों का अच्छा-खासा ज्ञान है, लेकिन दिक्कत ये है कि आजकल स्क्रिप्ट रोमन हिन्दी में लिखी मिलती है। मैंने कैट को शाम को ट्रेंड करने का शडय़ूल बनाया और वह रात 8 से 11 बजे तक अपनी हिन्दी में सुधार करती रहतीं। मजे की बात है कि उन्होंने अपनी एक भी क्लास मिस नहीं की।’ विदुर पिछले करीब 20 सालों से इस इंडस्ट्री में एक हिन्दी-संवाद ट्रेनर की हैसियत से हैं। रोचक तथ्य है कि वह मुंबई निर्देशक बनने आये थे। इंडस्ट्री में जमने के लिए उन्हें माउथ पब्लिसिटी से काफी फायदा हुआ। वह बताते हैं, ‘अनिल कपूर ने मेरे बारे में सुना और सोनम कपूर को ट्रेंड करने को कहा। बाद में मुझे पता चला कि उन्हें मेरे बारे में नीतूजी (नीतू सिंह) ने बताया था।’ आज विदुर की  लिस्ट में एक से एक सितारे शामिल हैं, लेकिन उनके अलावा कई सितारे ऐसे भी हैं, जिन्हें लाख अच्छी हिन्दी सिखाने के बावजूद वह हिट नहीं हुए।

जॉन अब्राहम

कुछ अन्य सितारों की तरह विदुर के जॉन के साथ संबंध बेहद पेशेवर थे। जॉन बस उनकी क्लास अटैंड करके एक महीने में ही चलते बने, क्योंकि उन्होंने एक फिल्म साइन कर ली थी। तकनीकी तौर पर देखा जाए तो जॉन ने उनसे केवल एक महीने की ट्रेनिंग ली, लेकिन आज के जॉन को देखिये, वे कैसे इतनी अच्छी तरह से अपनी संवाद अदायगी को स्क्रीन पर पेश करते हैं।

रणबीर कपूर

फिल्म ‘सांवरिया’ में रणबीर को भी हिन्दी बोलचाल में सुधार के लिए विदुर की क्लासेज लेनी पड़ी थीं। नीतू सिंह ने ही ये सारा इंतजाम करवाया था। पहले विदुर रणबीर को उनके घर क्लास देते, फिर उसके बाद सोनम कपूर का नंबर आता था। रणबीर कभी विदुर की क्लास मिस नहीं
करते थे।

प्रियंका चोपड़ा

प्रियंका चोपड़ा ने निजी ट्रेनिंग नहीं ली थी। वह भाषा सुधारने वाली एक क्लास में शामिल थीं, जिसमें 20 छात्र थे। फिल्म ‘ऐतराज’ से पहले उन्होंने यह क्लास ज्वाइन की थी, जहां उन्होंने संवाद अदायगी से लेकर बोलचाल की बारीकियों को जाना।

लीजा रे

लीजा रे को बोलचाल की हिन्दी में काफी दिक्कतें आती थीं। उन्हें  करीब चार महीने तक ट्रेनिंग लेनी पड़ी। कुछ अन्य सितारों के मुकाबले उन्होंने ज्यादा समय लिया था।

रितिक रौशन

ये उस समय की बात है, जब रितिक फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ के लिए तैयारी कर रहे थे। उनके पापा राकेश रौशन ने विदुर को बुलाया और रितिक को ट्रेन करने के लिए कहा। ये सिलसिला फिल्म ‘आप मुझे अच्छे लगने लगे’ तक जारी रहा।

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