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लोक परंपराओं का महाकुंभ


लोक परंपराओं का महाकुंभ

सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला

हरिद्वार में चल रहे महाकुंभ के साथ ही फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड में भी एक कुंभ लग रहा है। यह कुंभ है देश की लोक परंपराओं, शिल्पियों की हस्तकला का। 15 दिन चलने वाला सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला लोगों को ग्रामीण माहौल और ग्रामीण संस्कृति के अद्भुत रंगों से रू-ब-रू कराता है।

लगभग ढाई दशक से आयोजित हो रहे सूरजकुंड मेले की लोकप्रियता के साथ ही इसका दायरा भी बढ़ता गया। मेले ने हस्तशिल्पी और हथकरघा कारीगरों के कुंभ का स्वरूप ले लिया है। मेला अब विविध अंचलों की वस्त्र परंपरा, लोक कला, लोक व्यंजनों के अतिरिक्त लोक संगीत और लोक नृत्यों का भी संगम बन गया है।
मेले में हर साल किसी एक राज्य को थीम बना कर उसकी कला, संस्कृति, सामाजिक परिवेश और परंपराओं को प्रदर्शित किया जाता है। इस बार राजस्थान थीम राज्य है। इसे दूसरी बार यह गौरव प्राप्त हुआ है। राजस्थान के 50 से अधिक भागीदार अपनी कला से लोगों को परिचित कराएंगे। देश भर से 350 से अधिक हस्तशिल्पी और हरकरघा कारीगर शिरकत कर रहे हैं, जिनमें अवॉर्ड विनर शिल्पकार भी शामिल हैं। मेले में लगे स्टॉल हर क्षेत्र की कला से परिचित कराते हैं। सार्क देशों एवं थाईलैंड, तजाकिस्तान और मिस्र के कलाशिल्पी भी इसमें शिरकत करेंगे।  राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र की प्रसिद्घ हवेली परंपरा का प्रतीक शेखावाटी एक नई सजधज के साथ पर्यटकों का स्वागत करेगा। वहां के लघु चित्र,  सांगानेरी बांधनी वस्त्र, जोधपुरी जूतियां, उदयपुर की कठपुतलियां आदि के अलावा पारंपरिक खानपान में दालबाटी, चूरमा, जोधपुर की मावा कचौड़ी, पुष्कर का मालपुआ, बीकानेरी नमकीन और मिठाई भी होंगी। पश्चिम बंगाल और असम के बांस और बेंत की वस्तुएं, पूवरेत्तर राज्यों के वस्त्र, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश से लोहे व अन्य धातु की वस्तुएं, उड़ीसा एवं तमिलनाडु के अनोखे हस्तशिल्प, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब और कश्मीर के आकर्षक परिधान और शिल्प, सिक्किम की बेमिसाल थंका चित्रकला, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन और शो पीस, दक्षिण भारत के रोजवुड और चंदन की लकड़ी के हस्तशिल्प भी यहां देखने को मिलेंगे।

यहां अनेक राज्यों के खास व्यंजनों के साथ ही विदेशी कुजीन का स्वाद लेने का भी अवसर मिलेगा।  मेला परिसर में चौपाल और नाट्यशाला नामक खुले मंच पर सारे दिन विभिन्न राज्यों के लोक कलाकार अपनी अनूठी प्रस्तुतियों से समा बांधेगे। शाम के समय विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। दर्शक भगोरिया डांस, बीन डांस, बिहू, भांगड़ा, चरकुला डांस, कालबेलिया नृत्य, पंथी नृत्य, संबलपुरी नृत्य और सिद्घी गोमा नृत्य आदि का आनंद ले सकेंगे। विदेशों की सांस्कृतिक मंडलियां भी प्रस्तुति देंगी।          

एक से शुरू होगा मेला
24 वां सूरजकुंड मेला 1 से 15 फरवरी तक चलेगा। मेले का उद्घाटन उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी करेंगे। मेले में इस बार सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। यहां तक कि हरियाणा पुलिस के कमांडो दस्तों के अलावा क्लोज सर्किट कैमरे भी लगे होंगे, ताकि यहां आने वाले दर्शक निश्चिंत होकर मेले का आनंद ले सकें।

ये होगा खास
सार्क देशों के हस्तशिल्प, विदेशी फूड
स्वयं हस्तशिल्प बनाने के लिए खास वर्कशॉप 
पतंग बनाने एवं उड़ाने की स्पर्धाएं भी होंगी
बच्चों के लिए पेंटिंग, फेस पेंटिंग स्पर्धा 
कैमल सफारी एवं एम्यूजमेंट गतिविधियां
मेले में जादू के शो लोगों का मनोरंजन करेंगे
मेले का समय प्रात: 9.30 से रात 8.00 बजे तक होगा

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  • Web Title: लोक परंपराओं का महाकुंभ