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हाईवे की सैरगाहें बुला रही हैं ये सदाएं

हाईवे की सैरगाहें बुला रही हैं ये सदाएं

इस वीकएंड आप लगातार चार दिन (23 से 26 जनवरी तक) की छुट्टी का आनंद उठा सकते हैं, केवल आपको 25 जनवरी, सोमवार को एक दिन की छुट्टी लेनी होगी। इन दिनों आप हाईवे से बाहर का रुख कर सकते हैं।

घूमें, मगर रखें एहतियात

मौसम ठंड का है और इन दिनों जबरदस्त कोहरा पड़ रहा है। ऐसे में अगर आप अपनी गाड़ी से हाईवे पर सफर कर रहे हैं तो कुछ बातों का अवश्य ध्यान रखें। हाईवे पर भयंकर कोहरे में गाड़ी ड्राइव करने से परहेज करें। अगर कोहरे में ही ड्राइव कर रहे हैं तो स्पीड कम रखें। गाड़ी की फॉग लाइट और इंडीकेटर सही रखें। गाड़ियों के बीच दूरी बना कर चलें। ठंड से बचाव का सामान और ठंड की दवा लेकर ही घर से निकलें।

इच्छा कुंभ मेला घूमने और गंगा स्नान की है तो आप हरिद्वार जा सकते हैं। वहां इन दिनों महाकुंभ चल रहा है। कोई बड़ा शाही स्नान न होने की वजह से भीड़ भी बहुत ज्यादा नहीं होगी। मार्ग में मेरठ से कुछ दूर स्थित सरधना का सुंदर ऐतिहासिक चर्च देख सकते हैं। सहारनपुर के नजदीक शाकुम्भरी देवी और मुजफ्फर नगर के  धार्मिक स्थल शुक्रताल पर भी जा सकते हैं।

दिल्ली-अमृतसर राजमार्ग-1

यह हाईवे दिल्ली को अमृतसर से जोड़ता है। रास्ते में पानीपत, अम्बाला, लुधियाना और जालंधर शहर हैं। इनके अलावा इस रूट पर कई पर्यटन स्थल भी हैं। पानीपत के पास कालाअम्ब एक मिनी सैरगाह है। यह स्थल पानीपत की लड़ाई से ताल्लुक रखता है। कालाअम्ब से नाहन होते हुए हिमाचल प्रदेश में रेणुका झील जाया जा सकता है। यहां पहाड़ों के मध्य फैली झील के आसपास किसी गेस्ट हाउस में रुक प्रकृति का लुत्फ उठा सकते हैं। दिल्ली से 156 कि.मी. दूर स्थित धार्मिक स्थल कुरुक्षेत्र में मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। यहीं ज्योतिसर नामक स्थान गीता उपदेश की जगह है। हरियाणा का आधुनिक शहर पंचकुला भी पर्यटन का आकर्षण केंद्र है। यहां का कैक्टस गार्डन, मनसा देवी मंदिर दर्शनीय हैं। इसके निकट 350 वर्ष पुराना रामगढ़ फोर्ट आज एक हेरिटेज होटल है। पंचकुला से सैलानी पिंजौर गार्डन, नालागढ़ फोर्ट और मोरनी हिल्स भी जा सकते हैं। कुछ ज्यादा समय है तो आप कसौली भी जा सकते हैं, जहां प्रकृति बांह पसारे आपकी प्रतीक्षा कर रही है। चंडीगढ़ में रॉक गार्डन, रोज गार्डन और सुखना  ङील आदि स्थान हैं।

दिल्ली-आगरा राजमार्ग-2

इस हाईवे पर स्थित ताजनगरी आगरा दिल्ली से मात्र 203 कि.मी. दूर है। यहां आप अपने साधन से तीन घंटे में पहुंच सकते हैं। इसी हाइवे पर दिल्ली से 160 कि.मी. दूर धार्मिक नगरी वृंदावन और मथुरा के कृष्णमय वातावरण में भी आप एक दिन बिता सकते हैं। वहीं नंदगांव और बरसाना भी इसी हाईवे के आसपास हैं। आगरा में ताजमहल, आगरा फोर्ट देखने के बाद आप हाईवे-11 से फतेहपुर सीकरी जा सकते हैं। यहां का वास्तुशिल्प आपको अवश्य प्रभावित करेगा। वहां से वापस हाईवे-11 पर आकर आप भरतपुर स्थित केवलादेव बर्ड सेंक्चुरी में प्रवासी पक्षियों को देखने का आनंद उठा सकते हैं। 

दिल्ली-मुंबई राजमार्ग-8

दिल्ली-मुंबई को जोड़ने वाले नेशनल हाइवे-8 के आसपास तो अनेक ऐसी जगह हैं, जहां आप अपनी छुट्टियों का लुत्फ उठा सकते हैं। दिल्ली से 48 कि.मी. दूर सुल्तानपुर बर्ड सेंक्चुरी में प्रवासी पक्षियों को निहारने के साथ आधुनिक सुविधाओं से युक्त हेरिटेज विलेज मानेसर में ठहर कर सुकून की सांस ले सकते हैं। यहां ठहरने के लिए विश्व की सबसे बड़ी होटल श्रृंखला बेस्ट वैस्टर्न का रिजॉर्ट भी है। इसके अलावा गुड़गांव से एक अलग मार्ग
पकड़कर आप 60 कि.मी. दूर पटौदी जा सकते हैं, जहां प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी नवाब मंसूर अली खान पटौदी का पुश्तैनी आवास हेरिटेज होटल के रूप में आपके स्वागत को तैयार है। गुड़गांव से ही एक हाईवे अलवर के लिए निकलता है। इस मार्ग पर दमदमा झील और सोहना जैसी मिनी सैरगाहें भी हैं। राजमार्ग-8 पर ही आगे बहरोड़ से पहले एक मार्ग नीमराना की ओर जाता है, जहां सैलानी ऐतिहासिक इमारत में ठहरने का लुत्फ उठा सकते हैं। वहां का नीमराना फोर्ट विश्वप्रसिद्ध हेरिटेज होटल है।

बहरोड़ से दायीं ओर एक मार्ग अलवर के लिए मुड़ता है। इस मार्ग पर जैन तीर्थ तिजारा होकर आप अलवर पहुंच सकते हैं। अलवर के महल और किले देखने के बाद आप सिलिसेड़ ङील में बोटिंग का आनंद उठा सकते हैं। इसके अलावा वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी सरिस्का में वन्य जीवों को देखने के लिए जा सकते हैं। हाइवे नंबर-8 पर जयपुर की ओर बढ़ने पर कोटपूतली से दायीं ओर एक मार्ग आपको शेखावाटी ले जाएगा। यहां के मंडावा, नवलगढ़ में ऐतिहासिक हवेलियां देखी जा सकती हैं। इस क्षेत्र की हवेलियां भित्तिचित्रों के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं। हवेलियों के बाहर बने कलात्मक चित्रों की वजह से शेखावाटी को विश्व की सबसे बड़ी ‘ओपन आर्ट गैलरी’ भी कहा जाता है। इनमें से कुछ हवेलियां आज हेरिटेज होटल बन गई हैं। जयपुर के निकट ‘चोखी धानी’ भी एक शानदार जगह है। यहां आप एक अतीत के राजस्थानी गांव के माहौल में रहने का आनंद उठा सकते हैं। राजमार्ग-8 पर निकले हैं तो आप गुलाबी नगरी जयपुर तो अवश्य ही जाएंगे। आप चाहें तो आगे ड्राइव करते हुए ख्वाजा की नगरी अजमेर भी हो आइये।

दिल्ली-लखनऊ राजमार्ग-24

हाईवे-24 दिल्ली को लखनऊ से जोड़ता है। इस मार्ग पर 80 कि.मी. पर कुचेसर के मडफोर्ट या 110 कि.मी. दूर ऊंचागांव फोर्ट का शांत माहौल आपको जरूर भाएगा। इसी मार्ग में गंगा तट पर बसे गढ़मुक्तेश्वर पहुंच कर आपको तीर्थ दर्शन और गंगा स्नान का अवसर भी मिलेगा। मुरादाबाद होकर 310 कि.मी. दूर नैनीताल सात घंटे में पहुंच जाएंगे। वहां से आप रानीखेत, अल्मोड़ा, कौसानी के अलावा कार्बेट पार्क जा सकते हैं। इस नेशनल पार्क में आपको एलीफेंट सफारी के साथ टाइगर देखने का अवसर भी मिल सकता है।

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