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बंध्याकरण के बाद भी जना बेटा, डॉक्टर पर केस

डॉक्टर की सलाह पर बंध्याकरण कराने के बावजूद एक महिला दोबारा गर्भवती हो गई। महिला ने बेटे को भी जन्म दे दिया। महिला ने इस संबंध में कोर्ट में शिकायतवाद दायर किया था, जिसके आधार पर मामला सिदगोड़ा थाने पहुंचा है।

सिदगोड़ा थाने में दर्ज प्राथमिकी में महिला ने बारीडीह स्थित मर्सी अस्पताल के हेड एडमिनिस्ट्रेटर और डॉ. विनीता को आरोपी बनाया है। महिला कहती है कि जब उसका बंध्याकरण हुआ था तो वह गर्भवती कैसे हो गई? कहीं न कहीं इस मामले में चिकित्सकों ने लापरवाही बरती है।

यह है मामला
बिरसानगर जोन नंबर 1-बी निवासी सुनील प्रसाद की पत्नी बबीता देवी का कहना है कि वह गर्भवती थी और 6 मई 2006 को मर्सी अस्पताल में भर्ती हुई थी। 10 मई को उसे बेटा हुआ। तब चिकित्सकों ने कहा कि उसकी जो स्थिति है, उसमें दूसरी बार वह मां बनती है तो जान को खतरा हो सकता है। ऐसे में उसके पास बंध्याकरण कराने के सिवाय दूसरा कोई चारा नहीं था। चिकित्सकों के कहने पर उसने बंधयाकरण करवा लिया, लेकिन वर्ष 2013 में वह गर्भवती हो गई। उसे 30 मई 2014 को बेटा हुआ।

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