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3 जून, 2020|12:32|IST

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स्थानीयता के नाम पर फिर माहौल बिगाड़ रही भाजपा : हेमंत

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने कहा है कि भाजपा स्थानीयता के बहाने एक बार फिर प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की कोशिशों में लगी हुई है। उसकी मंशा स्पष्ट नहीं है। भाजपा प्रदेश में क्या करना चाह रही है? यह उसे खुद भी पता नहीं है। कभी बाहरी-भीतरी की राजनीति तो कभी बहाली पर बहाली करने की घोषणा करती है, फिर सब कुछ उलट-पलट हो जाता है।

सोरेन गुरुवार को जमशेदपुर के बिष्टूपुर स्थित गोपाल मैदान में आयोजित होने वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के दसवें महाधिवेशन में शरीक होने से पहले सर्किट हाउस में हिन्दुस्तान से बातचीत कर रहे थे। पेश हैं बातचीत के कुछ प्रमुख अंश-

सवाल : भाजपा की स्थानीयता की नीति से आपकी पार्टी कितनी सहमत है?
जवाब : स्थानीयता के मुद्दे पर भजपा एक बार पहले भी प्रदेश का माहौल बिगाड़ चुकी है और दोबारा उसी प्रयास में लगी है। बेहतर होगा कि भाजपा पहले स्थानीयता को परिभाषित करे और उस पर श्वेतपत्र जारी करे। दरअसल, भाजपा सरकार बाहरी-भीतरी की राजनीति कर स्थानीयता की नीति को उलझाने का प्रयास कर रही है। वास्तविक स्थानीयता की नीति क्या है? अभी स्थानीयता का प्रमाणपत्र किस आधार पर बन रहा है? यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। अब तक झारखंड के लोग पूर्व की डोमिसाइल के आधार पर ही सेना में बहाल हो रहे हैं तो सरकार स्पष्ट करे कि उसमें क्या बदलाव किया जा रहा है? जब सब कुछ सही है तो बदलाव की जरूरत कैसे पड़ गई?

सवाल : भूमि अधिग्रहण बिल पर झामुमो क्या सोच रही है?
जवाब : कई बार पार्टी में चर्चा हुई है। जमीन गरीबों की पूंजी है। भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन होगा। राज्य सरकार चाहे तो भूमि अधिग्रहण के नियम को नहीं भी मान सकती है। कई नियमों को राज्य सरकार अपने तरीके से भी लागू करती है, लेकिन ये सरकार जनहित के मामले में पूरी तरह से कंफ्यूज्ड है। हालांकि, वह असली लक्ष्य की ओर ठीक जा रही है।

सवाल : आपकी नजर में भाजपा सरकार का असली लक्ष्य क्या है? 
जवाब : मेरी नजर में भाजपा सरकार व्यापारियों के प्रति समर्पित है। व्यापारी वर्ग को लाभ पहुंचाने के लिए वह हर संभव प्रयास कर रही है। लोगों के बीच द्वेष की भावना फैलाने का भी प्रयास कर रही है। झारखंड के पहले मुख्यमंत्री रघुवर दास हैं, जो दिल्ली सरकार के रबर स्टैंप हैं। उन्हें केवल फाइलों पर साइन करना है। उनमें निर्णय लेने की क्षमता नहीं है।

सवाल : बिहार में महागठबंधन हो रहा है? झारखंड में भी इस तरह का प्रस्ताव है क्या?
जवाब : हाल में विधानसभा और लोकसभा चुनाव हुए हैं। इसलिए निकट भविष्य में ऐसा गठबंधन संभव नहीं दिख रहा है। झामुमो प्रदेश में अपने बलबूते लड़ने में सक्षम है।

सवाल : आपकी सरकार में राजद और जदयू दोनों घटक दल में शामिल थे। दोनों का महागठबंधन करने का प्रस्ताव आता है तो...?
जवाब : ...तब महागठबंधन के प्रस्ताव पर पार्टी में विचार किया जाएगा। पार्टी परिस्थिति के अनुसार निर्णय लेगी।

सवाल : भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनने के लिए लगातार सदस्यता अभियान चला रही है?
जवाब : ऐसा कुछ भी नहीं है। धर्म-जाति के नाम पर लोगों को लड़ाने वाली भाजपा का सदस्यता अभियान भी नजरों का धोखा है। प्रदेश में चौदह साल में जितने तबादले हुए थे, रघुवर सरकार ने पिछले तीन महीनों में उससे ज्यादा तबादले कर दिए।

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