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चीनी दीयों के बहिष्कार के बाद जेल में सजेंगे मिट्टी के दिए, जेल में ही बन रहे पांच हजार दीए

चीनी दीयों के बहिष्कार के बाद जेल में सजेंगे मिट्टी के दिए, जेल में ही बन रहे पांच हजार दीए

झारखंड के दुमका जिले में इस दिवाली चीनी सामान के बहिष्कार के देशव्यापी आह्वान के बीच दुमका केंद्रीय कारा के कैदी जेल में बड़ी तन्मयता से मिट्टी के दीए बनाने में जुटे हैं। मिट्टी के हजारों दीए बनाए जा रहे हैं। 8 से 10 कैदियों की एक टोली इस काम में लगा है। कारा प्रशासन ने हुनरमंद कैदियों को चाक और आवश्यक मिट्टी उपलध करा दी है। जेल मैनुएल के अनुसार कैदियों को पारिश्रमिक भी दिया जा रहा है। कारा अधीक्षक भगीरथ कार्जी ने बताया कि कैदियों ने आज तक 5 हजार मिट्टी के दीए बनाए हैं जिससे केवल केंद्रीय कारा की जरूरत पूरी होगी।

इसबार दीपावली में केंद्रीय कारा में पूरी तरह से मिट्टी के दिये ही जलाने की योजना है। अगर बल्ब और झालर कहीं लगेगा भी तो वह मेड इन इंडिया होगा। चाइनीज दीयों से पूरी तरह परहेज रहेगा। काराधीक्षक ने बताया कि कैदियों द्वारा बनाए जा रहे मिट्टी की दीयों से कारा की जरूरत पूरी होने के बाद जो दीए बेचेंगे उसे आम लोगों के लिए बिक्री केंद्र पर रखा जाएगा। दुमका केंद्रीय कारा में कैदियों द्वारा उत्पादित कपड़े, साबुन और अन्य सामान की बिक्री के लिए जेल गेट पर विक्रय केंद्र पहले से खुला हुआ है। कैदियों द्वारा बनाए गए ये मिट्टी के दीये इसी केंद्र से बिक्री की जाएगी। 

गांवों में भी कुम्हारों में है उत्साह
इस वर्ष चाइनीज दीयों के बहिष्कार की हवा से मिट्टी के परम्परागत दीये और खिलौने बनाने वाले कुम्हार काफी उत्साहित हैं। चाइनीज दीयों की बिक्री घटने और मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। गांवों में कुम्हार के पेशे से जुडें टोलों में गत् वर्ष की तुलना में अधिक मात्रा में मिट्टी के दीये बनाए जा रहे हैं। 
 

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  • Web Title:prisoners made diwali lamp will jmmg from dumka central jail