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झारखंड के इंजीनियरों ने कहा, रद्द करो काला कानून

झारखंड के इंजीनियरों ने कहा, रद्द करो काला कानून

झारखंड के पांच हजार से अधिक डिप्लोमाधारी इंजीनियरों ने बुधवार को कामकाज नहीं किया। राजभवन के समीप झारखंड अभियंत्रण सेवा नियुक्ति नियमावली वापस करने की मांग को लेकर धरना दिया। संगठन के महामंत्री शेखर कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह काला कानून है। इसे अविलंब सरकार वापस लें। नियमावली के तहत डिप्लोमाधारी इंजीनियर प्रोन्नति से असिस्टेंट इंजीनियर के पद से आगे नहीं बढ़ सकते।  सरकार नहीं चेती तो सभी डिप्लोमाधारी इंजीनियर बेमियादी पर चले जाएंगे।
 
विद्युत डिप्लोमा संघ ने भी किया प्रदर्शन
झारखंड अभियंत्रण सेवा नियुक्ति नियमावली के खिलाफ विद्युत डिप्लोमा अभियंता संघ ने क्षेत्रीय कार्यालय रांची, हजारीबाग, गिरिडीह, दुमका, धनबाद और जमशेदपुर में धरना- प्रदर्शन किया। संघ के महामंत्री पीके जायसवाल ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह से सफल रहा। संघ ने सरकार ने एमएसीपी का लाभ देने और 2012 की एफआईआर वापस लेने की भी मांग की।
 
30 को होगी राज्यस्तरीय रैली
डिप्लोमा अभियंता संघ के महामंत्री शेखर कुमार ने बताया कि 30 को राज्यस्तरीय रैली आयोजित की गई है। यह नेपाल हाउस से बिरसा चौक तक निकाली जाएगी, जिसमें प्रदेश के सभी डिप्लोमाधारी इंजीनियर शामिल होंगे। इसके बाद भी सरकार नहीं मानी तो सभी इंजीनियर बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे।
 

क्या हैं मांगें
- कनीय अभियंता से सहायक अभियंता में प्रोन्नति के लिए सहायक अभियंता के कुल स्वीकृत बल का 50 फीसदी पद डिप्लोमाधारियों के लिए आरक्षित किया जाए।
-  सहायक से कार्यपालक अभियंता में प्रोन्नति के लिए 33.33 फीसदी पद रखे जाएं।
-  बीटेक डिग्री की बाध्यता खत्म की जाए।
-  जल संसाधन और पथ विभाग में कनीय से सहायक अभियंता में चल रही प्रोन्नति की प्रक्रिया पूरी की जाए।

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  • Web Title:jharkhands engineers said cancel black law