DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मांसाहारी नहीं है कस्तूरी बैल

मांसाहारी नहीं है कस्तूरी बैल

तुमने मस्क डीयर अर्थात् कस्तूरी मृग के विषय में तो पहले पढ़ा है, लेकिन क्या तुम्हें पता है कि इस धरती पर कस्तूरी बैल भी होता है। आओ आज हम तुम्हारा परिचय ‘मस्क ऑक्स’ से कराते हैं। हालांकि यह हमारे देश में नहीं पाया जाता।

दोस्तो, मेरी तस्वीर देख कर तुम सोच रहे होगे कि यह याक जैसा जानवर कौन सा है। अरे भई यह याक की नहीं, यह तो मेरी यानी मस्क ऑक्स की तस्वीर है। मैं वृक्षहीन टुन्ड्रा प्रदेश और आर्कटिक प्रदेश का वासी हूं। वहां हम पूर्वी अलास्का से उत्तरी कनाडा और ग्रीनलैंड तक में पाये जाते हैं। हमारी दो प्रजातियां होती हैं। एक ग्रीनलैंड मस्क ऑक्स या व्हाइट फेस्ड मस्क ऑक्स कहलाती है तथा दूसरी प्रजाति केनेडियन हाई-आर्कटिक मस्क ऑक्स होती है।

हमारा शरीर काफी गठीला होता है। उस पर फर की दोहरी परत होती है। बाहरी परत लम्बे-लम्बे फर वाली होती है। देखने में हम याक या बालों वाले भैंसे जैसे लगते हैं। कभी-कभी हमारे बाल इतने लम्बे होते हैं कि जमीन को भी छूने लगते हैं। इन मोटे फरों का रंग गहरा बादामी होता है। जानते हो यही फर बर्फीले आर्कटिक की शीत लहरों में ठंड से हमारा बचाव करते हैं। तभी तो हम सारे साल आर्कटिक प्रदेश में रह पाते हैं। हमारे बाल भेड़ के बालों की तरह ऊन बनाने के काम आते हैं। हमारे फर गर्मी के मौसम में झड़ने लगते हैं। गर्मियों में हम नदी घाटियों के आसपास रहने आ जाते हैं, जबकि सर्दियों में हम कम बर्फीले स्थानों को तलाशते हैं।

हमारे माथे की हड्डी चौड़ी होती है। तुम देखोगे कि हमारे कंधों पर कूबड़ होता है। हमारे लम्बे सींग कुछ चौड़े, लेकिन मुड़े हुए होते हैं। हमारे खुर बहुत बड़े होते हैं। पता है हमारे विशालकाय शरीर का वजन 200 किलोग्राम से 410 किलोग्राम तक हो सकता है, जबकि शरीर की लम्बाई छ: फुट से साढ़े सात फुट के मध्य होती है। ऊंचाई पांच फुट तक होती है। मादा का आकार और वजन कम होता है। हमारे गठीले शरीर के कारण शिकारी जानवर हमारी ओर कम आकर्षित होते हैं। फिर भी हमें पोलर बीयर, आर्कटिक फॉक्स और आर्कटिक भेड़ियों से खतरा बना रहता है। हम समूह बना कर ऐसे जानवरों से अपना बचाव करते हैं। वैसे भी हमें 10-20 के समूह में रहने की आदत होती है।

अपने भोजन के बारे में बताने से पूर्व बता दूं कि हम मांसाहारी जीव नहीं हैं। हम घास, दलदली घास, आर्कटिक फूल, मरकट और बहुत प्रकार की वनस्पति खा लेते हैं। वैसे हमें ‘विलो प्लांट’ खाना ज्यादा अच्छा लगता है। पता है हमें भोजन चबाने की आदत नहीं होती। हम अपना भोजन निगलते हैं।        

अन्य जानकारी

याक, भैंसे या बैल जैसे होते हुए भी यह नस्ली तौर पर भेड़ और बकरे से संबंध रखते हैं।
मध्य एशिया के याक की तरह लम्बे फर होते हैं। इनके बाहरी फरों की लम्बाई 100 सेन्टीमीटर तक हो सकती है।
मस्क ऑक्स जमे हुए टुंड्रा प्रदेश में रहने वाले गिने-चुने जीवों में से एक हैं। यह शून्य से 70-80 डिग्री नीचे के तापमान में भी सरलता से रह लेते हैं।
इनका जीवन चक्र औसतन 20 वर्ष का होता है।
पहले यह उत्तरी यूरोप में भी पाये जाते थे। वहां अब यह लगभग लुप्त हो चुके हैं। अलास्का में भी इनकी संख्या काफी कम है, लेकिन इन स्थानों पर इन्हें पुनर्वास एवं संरक्षित किया जा रहा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:मांसाहारी नहीं है कस्तूरी बैल