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अमेरिका ने बदली आईएस से जंग की रणनीति

अमेरिका ने बदली आईएस से जंग की रणनीति

पिछले साल जून में ही अमेरिका ने इराक की सेना के साथ मिलकर आईएस के खिलाफ सीधी जंग शुरू की थी, लेकिन आतंकियों के खिलाफ बनाई गई रणनीति कारगर साबित नहीं हो रही है। आईएस को मोसुल समेत कई शहरों पर एक साल से कब्जा है और कई अन्य शहरों पर भी आतंकियों के शिकंजे में जाने का खतरा मंडरा रहा है।

इसके चलते अमेरिका को रणनीति बदलने पर मजबूर होना पड़ा है। ओबामा के पूर्व सलाहकार फिलिप गार्डन ने एक साक्षात्कार में यह खुलासा किया है। फिलिप के मुताबिक इराकी सेना आईएस से लड़ नहीं पा रही है। वहीं पिछले साल अमेरिकी पत्रकार जेम्स की मौत से भी पेंटागन को अपनी रणनीति बदलने पर विवश होना पड़ा है।

अब सेना फारस की खाड़ी में बने कमांड सेंटरों के जरिए ही आईएसआईएस पर नजर रख रही है। वहीं से यह फैसला होता है कि किस टारगेट को निशाना बनाना है और किसने नहीं। यह सेंटर सैटेलाइट के जरिए 24 घंटे आतंकियों पर नजर रखता है। विशेष परिस्थितियों में ही अमेरिका बेहद महत्वपूर्ण आईएस टारगेट पर निशाना साधेगा। रिपोर्ट के मुताबिक इराक के पांच ट्रेनिंग बेस पर 30 हजार इराकी सैनिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनके सहारे ही आईएस से जंग लड़ी जाएगी।

एक साल में अब तक क्या हुआ
04 हजार हवाई हमले
13 हजार बम गिराए
06 हजार इमारतों को निशाना
120 अरब रुपये हो चुके हैं खर्च

 

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  • Web Title:US Adapts Lily Pad Strategy to Defeat ISIS in Iraq