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गुरुग्राम में बढ़ रहा कॉर्फबॉल का क्रेज

दिलचस्पी

-पहले इस खेल में टीम बनाने के लिए भी खिलाड़ी नहीं मिलते थे

-अब खिलाड़ियों की संख्या बढ़ने से प्रशिक्षण दो पारियों में दिया जा रहा

गुरुग्राम

कार्यालय संवाददाता

गुरुग्राम के खिलाड़ियों में कॉर्फबॉल को लेकर रुझान बढ़ रहा है। जिस खेल में टीम बनाने के लिए भी खिलाड़ी नहीं मिलते थे, उसी खेल में खिलाड़ियों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि अब प्रशिक्षण भी दो पारियों में दिया जा रहा है। खास बात है कि इस खेल में पदक भी खूब आ रहे हैं।

गुरुग्राम में कॉर्फबॉल का खेल 2009-10 में आया था। यहां इस खेल को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी मौजूदा प्रशिक्षक रामपाल हुड्डा को सौंपी गई। शुरुआती छह माह में इस खेल के लिए एक भी खिलाड़ी नहीं मिल पाया। यहां तक कि खेलों में अग्रणी विद्यालयों और महाविद्यालयों से भी खिलाड़ियों ने इस खेल में दिलचस्पी नहीं दिखाई। महाविद्यालय प्रबंधनों की तरफ से सुझाव रखा गया कि अगर उनके यहां ही इस खेल का प्रशिक्षण उपलब्ध करा दिया जाए तो शायद खिलाड़ी मिल जाएं। इस सुझाव पर अमल करने के बाद किसी तरह टीम बन गई। तीन-चार माह के प्रशिक्षण बाद ही इस टीम को टीकरी गांव में आयोजित सब-जूनियर स्टेट चैंपियनशिप में हिस्सा लेने का मौका मिला। पहला मुकाबला होने के बावजूद टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने में सफल रही। 2010 में ही जब सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप हुई तो गुरुग्राम की टीम प्रथम स्थान पर रही। तब से अब तक कई उपलब्धियां नाम हो चुकी हैं। हाल ही में गुरुग्राम के कॉर्फबॉल खिलाड़ी शगून, सिद्धार्थ, दीपक और सुमित इंटरनेशनल कैंप में हिस्सा लेकर आए हैं। इन खिलाड़ियों का सपना देश के लिए खेलकर पदक जीतने का है।

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कॉर्फबॉल में गुरुग्राम का अभी तक का प्रदर्शन

वर्ष प्रतियोगिता का नाम स्थान

2016 नेशनल सब जूनियर, बैतूल एमपी प्रथम

2016 नेशनल सीनियर, बैतूल एमपी प्रथम

2016 सीनियर स्टेट, सोनीपत द्वितीय

2015 सीनियर स्टेट, गुरुग्राम तृतीय

2014 कोई प्रतियोगिता नहीं हो पाई

2013 सीनियर स्टेट, गुरुग्राम तृतीय

2012 सीनियर नेशनल, कोलकाता प्रथम

2011 सीनियर स्टेट, रोहतक तृतीय

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प्रतिक्रियाएं

मेरी रुचि बास्केटबॉल खेल में थी, लेकिन कॉर्फबॉल खेलकर उससे भी ज्यादा मजा आया। सब-जूनियर में स्वर्ण पदक मिला है। टीम को हिस्सा बनकर बेहद गर्व महसूस होता है।

कशिश खत्री

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कॉर्फबॉल टीम में आठ लड़के और आठ लड़कियां समेत कुल 16 खिलाड़ी होते हैं। एक वक्त में आठ खिलाड़ी खेलते हैं। सब-जूनियर में स्वर्ण मिला है। मुझे यह खेल बेहद पसंद है।

शगून हुड्डा

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मुझे एमडीयू की टीम में शामिल होकर जनवरी 2017 में चेन्नई में हुई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में हिस्सा लेने का मौका मिला। हमारी टीम ने प्रथम स्थान लेकर स्वर्ण पदक जीता।

नेहा पायल

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वर्तमान में 60 खिलाड़ी कॉर्फबॉल का प्रशिक्षण ले रहे हैं। नेहरु स्टेडियम में 30 खिलाड़ियों को सुबह और 30 खिलाड़ियों को शाम को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आने वाली प्रतियोगिताओं में भी हमारे खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

रामपाल हुड्डा, कॉर्फबॉल प्रशिक्षक, गुरुग्राम

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  • Web Title:Corkball crease, rising in gurmagram