DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

संघर्ष का सुख

लियोनेल मेसी अर्जेंटीना के महानतम फुटबॉल खिलाडि़यों में से एक हैं। उन्होंने एक बार कहा था कि उन्हें मुकाबले में 5-0 से जीतना उतना अच्छा नहीं लगता, जितना 1-0 या 2-1 से। उन्होंने आगे कहा कि मुकाबला जितना जोरदार रहता है, जीत का मजा उतना ही ज्यादा होता है। यही जीवन का सत्य है। संघर्ष जितना बड़ा होता है, सुख भी उतना ही बड़ा। पेड़ उस जगह पर सबसे अधिक फबते हैं, जहां उसके बीज का अंकुरित होना सबसे कठिन रहा हो।

संघर्ष के बाद उपजे सुख का इतिहास सदियों पुराना है। स्पार्टाकस ने गुलामी की व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष किया। मार्टिन लूथर किंग नस्ली भेदभाव की सोच के खिलाफ संघर्ष करते रहे। यह सोचना गलत है कि इसका नतीजा क्या निकला, जीवन का असली सुख संघर्ष में ही होता है। ठीक वैसे ही, जैसे कहा जाता है कि यात्रा का असली सुख रास्ते में होता है, मंजिल पाने में नहीं। मार्टिन लूथर किंग संघर्ष के नायक थे, इसलिए इससे सुखी भी रहे। जिस बुद्ध ने सुख-दुख के विषय पर सबसे ज्यादा चिंतन किया, वह दुख से लंबे समय तक संघर्ष करते रहे। लड़ते रहे खुद से आखिर तक, तब जाकर उन्हें बुद्धत्व हासिल हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट ने कहा था- 'इतिहास आसान जीवन जीने वाले को याद नहीं रखता, इसलिए आरामतलबी को छोड़ते हुए हमें संघर्ष कर उससे प्राप्त सुख का भोग करना चाहिए। कहते हैं कि औरत सृष्टि का सबसे बड़ा संघर्ष गर्भ धारण करने के रूप में करती है, इसलिए सबसे बड़ा सुख उसके हिस्से ही आता है। यह सुख है मां बनने का। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि औरत शारीरिक व मानसिक संघर्ष कर सृजन की महान प्रक्रिया को पूरी करती है, इसलिए वह पुरुष की अपेक्षा अधिक संतुष्ट व सुखी होती है। यानी जो दुखी हैं, क्या उनके दुख के पीछे यह बड़ा कारण है कि वे संघर्ष से भागते रहते हैं?

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:संघर्ष का सुख