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सेहत ही है खजाना

कहा जाता है कि मानव भी अजीब चीज है, पहले धन कमाने के लिए अपने स्वास्थ्य गंवाता है और फिर उसी स्वास्थ्य को पाने के लिए अपना धन खोता है। सदा से कहते-सुनते आ रहे हैं कि इस दुनिया का सबसे बड़ा व सबसे पहला सुख है- निरोगी काया। यह जानते हुए भी इंसान सुख की प्राप्ति के लिए हमेशा धन के पीछे दौड़ता रहता है, स्वास्थ्य अर्थात निरोगी काया एक ऐसा धन है, जो अरबों की धन-संपत्ति पर भी भारी है।

स्वास्थ्य के लिए वॉल्ट व्हिट्मैन कहते हैं- जब कई वर्ष पूर्व मैं कैंडन में आया, तो मरणासन्न था। वहां प्रतिदिन प्रात:काल मैं देहात में निकल जाता, नंगे बदन घंटों धूप तापता रहता, पक्षियों और गिलहरियों के साथ रहता और ऐसा करते-करते मैंने जल्द ही प्रकृति से अपना स्वास्थ्य वापस छीन लिया। स्वास्थ्य के तीन मुख्य स्रोत- पानी, हवा, और धूप का मुक्त रूप से सेवन करना स्वस्थ रहने का अचूक उपाय है। 

जोसियाह क्विन्सी से एक सुविख्यात चिकित्सक जैक्सन ने पूछा- आप कब तक जीवित रहने की आशा रखते हैं? जोसियाह ने कहा- जब तक वैद्य की जरूरत न पड़े। इस पर जैक्सन ने पूछा- इससे पहले डॉक्टर कब बुलाया था? यह सुनकर जोसियाह मुस्कराते हुए बोले- ठीक 86 वर्ष पूर्व यानी अपने जन्म के समय। हम सब भी शतजीवी हो सकते हैं, यदि स्वयं अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। एक फ्रांसीसी विचारक का कहना है कि लोग यूं ही नहीं मरते, वे स्वयं अपने को मारते हैं। इसलिए स्वयं को न मारते हुए स्वास्थ्य धन पाकर आप भी कह सकते हैं कि जीवन धन से भरे खजाने का नहीं, अपितु स्वास्थ्य के खजाने का नाम है। 

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  • Web Title: health is treasure