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गोड्डा में हड़ताल पर रहे अधिवक्ता

गोड्डा में हड़ताल पर रहे अधिवक्ता

एडवोकेट एक्ट में संशोधन विधेयक लाने के विरोध में अधिवक्ताओं ने आक्रोश व्यक्त किया। अधिवक्ताओं ने अपने अधिकारों का हनन बताते हुए शुक्रवार को न्यायायिक कार्यों से अलग रखा। अन्य दिनों की तरह कोर्ट खुले, लेकिन अधिवक्ता न्यायिक कार्यों में शामिल हुए।

ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष रतन कुमार दत्ता ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बिल अधिवक्ता विरोधी ही नहीं जन विरोधी भी है। अधिवक्ता इस बिल का हर स्तर पर विरोध करेंगे और इसे किसी हाल में लागू होने नहीं दिया जाएगा। अधिवक्ताओं के अधिकारों का हनन किया जा रहा है।

बार एसोसिएशन अध्यक्ष सुशील झा ने कहा कि आजादी के बाद पहला मौका है, जब अधिवक्ताओं पर केंद्र सरकार द्वारा कुठाराघात किया जा रहा है। यह कानून अधिवक्ताओं के अधिकारों को हनन करने की साजिश है। इस तरह के फैसले की वापसी होनी चाहिए। यह मानमानी अधिवक्ताओं पर नहीं थोपी जानी चाहिए। कलमबद हड़ताल के कारण कोर्ट आने वाले मुवकिलों को परेशानी का सामना करना पड़ा। काम नहीं होने से लोग पूरे दिन परेशान रहे। इस अवसर पर संघ सचिव योगेशचंद्र झा, वरिष्ठ अधिवक्ता के डी सहाय, तनुज दुबे, दिलीप तिवारी, झारखंड बार काउंसिल सदस्य धर्मेंद्र नारायण, जहीर अहमद, सर्वजीत झा के अलावा कई अधिवक्ता मौजूद थे।

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  • Web Title:Advocate on strike in Godda