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लकड़ी काटने पर कार्रवाई, हंगामा

लकड़ी काटने पर कार्रवाई, हंगामा

शव जलाने के लिए लकड़ी काट रहे ग्रामीणों पर जिला वन पदाधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई से आक्रोशित लोगों ने शुक्रवार को कझिया नदी पुल के समीप रोड जाम कर दिया।

जाम की सूचना मिलते ही अनुमंडल पदाधिकारी सौरभ कुमार सिन्हा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अभिषेक कुमार पुलिस बल के साथ जाम स्थल पर पहुंचे। काफी समझाने बुझाने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया और तकरीबन 3 घंटे के बाद जाम हटा। लालपुर गांव के जय नारायण राम की लाश को जलाने के लिए ग्रामीण कझिया नदी पहुंचे थे। जहां लाश जलाने के लिए पास के पेड़ से सूखी लकड़ी ग्रामीणों काटा जा रहा था। इस बात की जानकारी जिला वन पदाधिकारी रामभरत को हुई तो वे दलबल के साथ नदी किनारे पहुंचे और लकड़ी काट रहे लोगों से पूछताछ शुरू कर दी।

तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। डीएफओ की इस कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी। ग़्रामीणों का कहना था कि गरीब को जलाने के लिए पास के सूखे पेड़ से कुछ टहनिया ंतोड़ी जा रही थी। जहां डीएफओ ने रौव दिखाना शुरू कर दिया। ग्रामीण इस बात से खासे नाराज थे कि गरीब की लाश जलाने के लिए भी सूखी लकड़ियां नहीं लेने दी जाती। आरोप लगाया कि विभाग के लोग दिन रात लकड़ी बेचते हैं। आखिरकार काफी मशक्कत के बाद समझा-बुझाकर जाम हटाया गया। इधर मुख्य मार्ग में लगे जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें खड़ी हो गई थीं। यात्री परेशान नजर आए जिला वन पदाधिकारी रामभरत ने बताया कि किसी ने दूरभाष पर उन्हें सूचना दी थी कि कझिया नदी किनारे पेड़ काटे जा रहे हैं। सूचना पाकर वहां पहुंचे जहां लकड़ी काट रहे असामाजिक तत्वों ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गार्ड की मदद से वह किसी तरह सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि लाश जलाने के लिए सूखी लकड़ी लेने में कोई हर्ज नहीं लेकिन बड़े पेड़ नहीं काटे जाने चाहिए। कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को भी नहीं है।

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  • Web Title:Action on wood cutting, ruckus