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नगर निगम पार्किंग की पार्किंग, चला रहे हैं प्राइवेट ठेकेदार

गाजियाबाद। नगर निगम के अधिकारी पार्किंग के नाम पर खेल कर रहे हैं। जिन पार्किंग के ठेके नहीं छूट पाए, अब उन्हें चुपचाप ठेकेदारों को चलाने के लिए दे दिया गया है। नगरायुक्त का तबादला होते ही इन पार्किंग को अचानक शुरू कर दिया गया। इतना ही नहीं जिन ठेका कर्मचारियों के खिलाफ नगरायुक्त ने कार्रवाई की थी, वे ही इसको दोबारा चला रहे हैं।

यशोदा अस्पताल के सामने की पार्किंग कई माह पहले पूर्व नगरायुक्त ने बंद कर दी थी। यहां पार्किंग व्यवस्था अस्पताल के कर्मचारी देख रहे थे। दो माह पहले नगरायुक्त ने जांच में गड़बड़ी पाई। ठेकेदार का ठेका समाप्त हो चुका था लेकिन फिर भी वह पार्किंग चला रहा था। तत्कालीन नगरायुक्त अब्दुल समद ने एक ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। तभी से यह पार्किंग बंद थी। अब 23 मई को अब्दुल समद तबादला होते ही यह पार्किंग अचानक शुरू कर दी गई।

इस तरह हो रहा खेल

किसी भी पार्किंग का ठेका एक निर्धारित शुल्क पर छूटता है। ठेका लेने पर ठेकेदार को सालभर की रकम एकमुश्त निगम के खाते में जमा करानी पड़ती है। उसके बाद वह पूरे साल पार्किंग चलाता है। इस बार निगम ने ठेके की राशि बढ़ा दी। इस कारण किसी ने पार्किंग का ठेका नहीं लिया। अब निगम अधिकारियों का दावा है कि वह अपने स्तर पर इन पार्किंग को चला रहे हैं। निगम के कर्मचारी इन पार्किंग में पर्ची के हिसाब से पैसा वसूल रहे हैं। जितनी पर्ची काटी जाती हैं, उसी हिसाब से ठेकेकार से पैसा लिया जाता है। हकीकत में यह पार्किंग उन्हीं ठेकादारों के पास हैं जो इन्हें पहले चला रहे थे।

यशोदा अस्पताल : बिना ठेके वसूल रहे पैसा

इस पार्किंग का ठेका अभी तक नहीं हुआ है। पिछले कई माह से यह बंद थी। अब अचानक यहां कुछ युवकों ने वाहनों की पर्ची काट रहे हैं। इनके हाथों में नगर निगम की पर्ची हैं। इनका कहना है कि वह पर्ची का हिसाब रोजाना ठेकेदारों को दे देते हैं। यहां कई हजार वाहन रोजाना आते हैं।

ऑप्यूलेंट मॉल : ठेकेदार के कर्मचारी काट रहे पर्ची

इस पार्किंग का ठेका भी अभी तक नहीं हुआ है। ऑप्यूलेंट मॉल के बाहर चल रही पार्किंग में भी नगर निगम की पर्ची दी जा रही हैं। यहां नगर निगम का कोई कर्मचारी न होकर ठेकेदार के कर्मचारी ही पर्ची काट रहे हैं।

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जिन पार्किंग के ठेके नहीं हो पाए हैं उनकी प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अभी तक इन पार्किंग को निगम जोनल स्तर पर चला रहा है।

-डीके सिन्हा, अपर नगरायुक्त एवं पार्किंग व्यवस्था अधिकारी

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बाहर होने के चलते मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है। कार्यालय पहुंचते ही जांच कराउंगा। यदि इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।

-सीपी सिंह, नगरायुक्त

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  • Web Title:Municipal parking , running private contractor