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मंडोला विहार में निर्माण कार्य बंद कराने पहुंचे किसानों एवं पुलिस के बीच संघर्ष

-किसानों ने जेसीबी के सामने लेटकर काम बंद कराया-पुलिस एवं पीएसी ने लाठी चार्ज कर किसानों को खदेड़ा-दर्जनों महिला एवं पुरुष किसान घायल-तीन दर्जन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया-डीएम एसएसपी मौके पर पहुंचे, अधिकारियों ने काम बंद कराने से इंकार किया-हिरासत में लिए गए साथियों की रिहाई के लिए किसानों ने एसएच-57 जाम कियालोनी। आवास विकास की मंडोला विहार योजना में निर्माण कार्य रोकने गए किसानों को पुलिस एवं पीएएसी ने लाठी चार्ज कर खदेड़ दिया। किसानों ने भी पुलिस पर पत्थर फेंके। दोनों ओर से हुए संघर्ष में दर्जनों महिलाएं और पुरुष किसान घायल हुए हैं। पुलिस ने करीब तीन दर्जन किसानों को हिरासत में लिया है। उनको थाने ले जाते समय रास्ते में कुछ युवाओं ने पुलिस की गाड़ी पर पथराव कर दिया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं तथा पुलिस की दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। डीएम और एसएसपी समेत आला अफसर मौके पर पहुंचे। डीएम का कहना है कि किसानों की मुआवजा बढ़ाने की मांग अनुचित है। आवास विकास में निर्माण कार्य बंद नहीं किए जाएंगे। किसानों ने अपने साथियों की रिहाई के लिए एसएच-57 जाम कर दिया है। शुक्रवार को आवास विकास परिषद की मंडोला विहार योजना में किसानों को वापस दी जाने वाली छह प्रतिशत भूमि के लिए भूखंड विकसित किए जाने का कार्य शुरू किया गया था। जिस स्थान पर यह भूखंड विकसित किए जा रहे थे वहां कुछ किसानों ने ज्वार की फसल बोई हुई है। किसानों को फसल उजाड़ने की जानकारी हुई तो आस पास के कई गांवों के सैकड़ों किसान सुबह 11 बजे मौके पर पहुंच गए तथा जेसीबी मशीन के सामने लेटकर भूखंड विकसित करने का काम बंद करा दिया।किसानों के विरोध के चलते लोनी के तीनों थानों एवं गाजियाबाद से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। इसी दौरान एसडीएम प्रेमरंजन एवं सीओ श्रीकांत भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने पहले तो किसानों को समझा-बुझाकर निर्माण कार्य में व्यवधान न डालने की अपील की, लेकिन जब वह नहीं माने तो दोपहर 2.30 बजे पुलिस एवं पीएसी ने लाठीचार्ज कर किसानों को खदेड़ दिया। विरोध में किसानों ने भी पुलिस पर पत्थर फेंके। लाठीचार्ज में कई महिलाएं एवं पुरुष चोटिल हुए हैं। पुलिस ने मौके से करीब तीन दर्जन महिला व पुरुषों को हिरासत में लिया है।हिरासत में लिए गए किसानों को लेकर जा रही पुलिस की दो गाड़ियों पर रास्ते में कुछ युवाओं ने पथराव कर दिया। जिसमें दो गाड़ियों के शीशे टूटे हैं एवं तीन पुलिसकर्मी भी पत्थर लगने से चोटिल हुए हैं।पुलिस एवं किसानों के बीच हुए संघर्ष के बाद डीएम मिनिस्ती एस एवं एसएसपी एचएन सिंह अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। डीएम का कहना है कि कुछ दिनों पूर्व किसानों के दो गुटों से वार्ता की गई थी। इसमें स्पष्ट कर दिया गया था कि मुआवजा बढ़ाने का अधिकार उनके पास नहीं है। उसके लिए किसानों को अदालत जाना होगा। जबकि किसानों की अन्य कई मांगों पर विचार किया जा रहा है।शाम 4.50 बजे महिला व पुरुषों की गिरफ्तारी एवं लाठीचार्ज के विरोध में सैकड़ों किसानों ने मंडोला गांव के सामने एसएच-57 पर जाम लगा दिया। एसडीएम प्रेमरंजन एवं सीओ ने मौके पर पहुंचकर किसानों से वार्ता की। किसानों ने गिरफ्तार किए गए अपने साथियों की बिना शर्त रिहाई की मांग रखी। शाम 5.30 बजे किसानों ने आधी सड़क को जाममुक्त कर यातायात सुचारु करा दिया है। मौके पर अधिकारियों एवं किसानों के बीच वार्ता जारी है।

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