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फर्रुखाबादहरदोई में पोस्टमार्टम के बाद अब नरमुंडों का हुआ एक्स-रे

लाइव हिन्दुस्तान टीम
Tue, 17 Jan 2017 11:20 PM
हरदोई में पोस्टमार्टम के बाद अब नरमुंडों का हुआ एक्स-रे

कोतवाली देहात के कौढ़ा गांव के पास मिले नरमुंडों का सस्पेंस गहराता जा रहा है। प्रशासन ने नरमुंडों को अपने कब्जे में लेकर पहले तो उसका पोस्टमार्टम कराया, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिल सका तो अगले दिन मंगलवार को उसका एक्स-रे कराया गया है। बताया जा रहा है कि नरमंुडों की हकीकत से पर्दा उठाने के लिए अभी कई और पहलुओं से जांच कराई जाएगी।

दरअसल पिछले दिनों शाहजहांपुर रोड पर कोतवाली देहात के कौढ़ा गांव के निकट खुदाई के दौरान एक टीले के कई नरकंकाल व नरमुंड मिले थे। उनमें से तीन नरमुंड को वहीं पर रहने वाले एक साधू ने अपने पास रख लिया था। बाकी हड्िडयां मिट्टी के ढेर के साथ फेक दी गईं। पुलिस ने तीनों नरमुंडों को अपने कब्जे में करने के बाद पोस्टमार्टम तो कराया, लेकिन जो पुलिस ने कार्रवाई की। उस पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। बताया जा रहा है पुलिस ने तीनों नरमुंडों को एक में ही पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। जबकि तीन नरमुंड होने से तीनों का अलग.अलग पोस्टमार्टम होना चाहिए था। उसी कड़ी में मंगलवार को कोतवाली देहात पुलिस ने जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.एसपी गौतम से एक्स.रे कराने की अनुमति ली। उसके बाद डॉक्टर इन्द्र सिंह ने तीनों नरमुंडों का एक्स.रे किया। खबर लिखे जाने तक नरमुंडों के एक्स.रे की रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी थी।

टीले का सुरंग कर रहा इतिहास की ओर इशारा

कौढ़ा गांव के निकट टीले के पास सड़क खुदाई के दौरान निकले तीन नरमुंडों से लोगों में तरह.तरह की अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं। लोग उसे प्राचीन इतिहास से जोड़ कर देख रहे हैं। टीले के अंदर मिला एक गहरा गड्ढा भी सामने आया है। उसे पुराने सुरंग से जोड़कर देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि टीला का प्राचीन इतिहास रहा है। अब उस इतिहास को सामने लाया जाना चाहिए।

कोतवाली देहात के पास कौढ़ा गांव के निकट टीले को लेकर लोगों में कई तरह की चर्चाएं हैं। कईयों का मानना है कि प्राचीन काल में कन्नौज के राजा जयचन्द के पुत्र लाखन सिंह की सुरक्षा चौकी बनी हुई थी। उसी समय यहां पर एक सुरंग भी है। चर्चा है कि उसी समय सीतापुर जनपद के राजा हरसिंह व वीरसिंह के बीच लड़ाई हुई थी। उसी समय में राजा लाखन सिंह ने यहां पर अपनी सुरक्षा की चौकी स्थापित थी। चौकी पर सैनिक रहते थे। उसी समय में टीले के अंदर सुरंग का भी निर्माण किया गया था। जो बदलते वक्त के साथ गुम हो गया। लोगों का कहना है कि प्रशासन को इसे संज्ञान में लेकर इसकी गंभीरता से जांच करवानी चाहिए।

500 वर्षों से अधिक पुराना टीला

कोतवाली देहात पुलिस को जब नरमुंडों की सूचना मिली तो मौके पर नरमुंडों को लेने के लिए कौढ़ा गांव के निकट टीला के पास पहुंची तो वहां पर लोगों ने बताया यह टीला करीब 500 वर्ष से अधिक पुराना है। बहुत लोग तो उस टीले के विषय में यह भी नहीं जानते हैं। पुलिस ने जो पंचनामा भरा है, उसमें भी 500 वर्षों से अधिक समय के नरमुंड़ों का होने का अनुमान लगया है।

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