DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आजकल नहीं मिलते होली के गीत!

आजकल नहीं मिलते होली के गीत!

'होली के रंग में', 'रंग बरसे भीगे चुनर वाली' और 'होली खेलें रघुवीरा...' हिंदी फिल्मों के कुछ ऐसे लोकप्रिय गीत हैं जो रंगों के त्योहार होली की भावना को बड़े पर्दे पर जीवंत करते हैं, लेकिन आज होली के गीतों का अभाव देखा जा रहा है और ऐसे में लोग पुराने गीतों में ही होली का मजा लेने को मजबूर हैं।

हिंदी फिल्मों में आया होली का अंतिम गीत 'डू मी ए फेवर.. लेट्स प्ले होली' है। फिल्म 'वक्त-रेस अंगेंस्ट टाइम' (2005) का यह गीत अक्षय कुमार और प्रियंका चोपड़ा पर फिल्माया गया है। इस गीत में होली के रंग, ऊर्जा सहित सब कुछ है। इसके बाद होली का कोई गीत नहीं आया है।

'हम तुम' और 'फना' जैसी फिल्में बना चुके कुणाल कोहली ने कहा, ''भारत में मुश्किल से ही होली पर बनी  किसी फिल्म की शूटिंग हुई है। साथ ही फिल्मकार होली और दीवाली जैसे त्योहारों पर नहीं लिख रहे हैं जो एक दुखद स्थिति है।''

टिप्स इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक कुमार तोरानी कहते हैं, ''गीतों का समावेश कहानी की विभिन्न परिस्थितियों पर निर्भर करता है। होली का गीत तभी शामिल किया जा सकता है जब पटकथा की ऐसी मांग हो। मैं अपनी फिल्मों में उन्हीं गीतों को शामिल करता हूं जो फिल्म की कहानी के साथ जंचें।''

तोरानी ने 'रेस' और 'अजब प्रेम की गजब कहानी' जैसी फिल्मों का निर्माण किया है। उनकी आने वाली फिल्म 'प्रिंस' है।

होली रंगों, आनंद और उल्लास का त्योहार है। बॉलीवुड के होली गीत इसी आनंद और उल्लास से भरे होते हैं। 'होली आई रे कन्हाई' (मदर इंडिया), 'अरे जा रे हट नटखट' (नवरंग), 'आज ना छोड़ेंगे बस हमजोली' (कटी पतंग), 'होली के दिन' (शोले), 'रंग बरसे' (सिलसिला), 'मल दे गुलाल मोहे, आई होली आई रे' (कामचोर), 'अंग से अंग लगाना सजन' (डर) और 'होली खेलें रघुवीरा' (बागबान) होली के कुछ लोकप्रिय गीत हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:आजकल नहीं मिलते होली के गीत!