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B'day Special: 25 रुपये से शुरू हुआ था लता मंगेश्कर का फिल्मी सफर

B'day Special: 25 रुपये से शुरू हुआ था लता मंगेश्कर का फिल्मी सफर

अपनी आवाज से लता मंगेश्कर उस मुकाम तक पहुंच चुकी हैं जहां तक पहुंचने का हर सिंगर सपना देखता है। भारत रत्न और स्वर कोकिला लता 28 सितंबर को अपना 85वां जन्मदिन मना रही हैं। उन्होंने अपनी मधुर आवाज से भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में नाम कमाया है।

लता मंगेशकर का नाम सुनते ही हम सभी के कानों में एक मीठी मधुर आवाज शहद सी घुलने लगती है। उन्होंने बॉलीवुड में कई सुपरहिट गाने गाए। छह दशक से हिन्दुस्तान की आवाज बन चुकीं लता ने 30 से ज्यादा भाषाओं में फिल्मी और गैर फिल्मी हजारों गानों में अपनी आवाज का जादू चलाया। photo1

इस तरह हेमा से लता बनीं

गायन के क्षेत्र में उनका छह दशकों का सफर उपलब्धियों से भरा है। लता ही एकमात्र ऐसी जीवित व्यक्ति हैं जिनके नाम से पुरस्कार दिए जाते हैं। लता जी का जन्म 28 सितंबर, 1929 में एक मध्यम वर्गीय मराठा परिवार में हुआ था। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में जन्मीं लता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बड़ी बेटी थीं। लता मंगेशकर का पहला नाम 'हेमा' था, मगर जन्म के 5 साल बाद माता-पिता ने इनका नाम 'लता' रख दिया था। photo2

पिता के साथ शुरू किया था रंगमंच पर अभिनय
लता अपने सभी भाई-बहनों में बड़ी हैं। मीना, आशा, उषा तथा हृदयनाथ उनसे छोटे हैं। उनके पिता रंगमंच के कलाकार और गायक थे। लता का जन्म इंदौर में हुआ था, लेकिन उनकी परवरिश महाराष्ट्र में हुई। जब लता सात साल की थीं, तब वह महाराष्ट्र आईं। लता ने पांच साल की उम्र से पिता के साथ एक रंगमंच कलाकार के रूप में अभिनय करना शुरू कर दिया था। लता बचपन से ही सिंगर बनना चाहती थीं। photo3

इसलिए करना पड़ा बॉलीवुड का रुख
लता के पिता शास्त्रीय संगीत के बहुत बड़े प्रशंसक थे, इसीलिए शायद वे लताजी के फिल्मों में गाने के खिलाफ थे। वर्ष 1942 में उनके पिता का देहांत हो गया। इसके बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और पैसा कमाने के लिए लता मंगेशकर ने मराठी और हिंदी फिल्मों में छोटी-छोटी भूमिका निभानी शुरू की। photo4

पहली कमाई थी 25 रुपये
लता जी को पहली बार स्टेज पर गाने के लिए 25 रुपये मिले थे। इसे वह अपनी पहली कमाई मानती हैं। लताजी ने पहली बार 1942 में मराठी फिल्म 'किती हसाल' के लिए गाना गाया। लता के भाई हृदयनाथ मंगेशकर और बहनें उषा मंगेशकर, मीना मंगेशकर और आशा भोंसले सभी ने संगीत को ही अपने करियर के रूप में चुना। अपनी बहन आशा भोंसले के साथ लता जी का फिल्मी गायन में सबसे बड़ा योगदान रहा है। photo5

लता ने इसलिए नहीं की शादी...
बचपन में कुंदनलाल सहगल की एक फिल्म चंडीदास देखकर वह कहती थीं कि वो बड़ी होकर सहगल से शादी करेंगी। वहीं बाद में उन्होंने शादी ही नहीं की। इस पर उनका कहना है कि घर के सभी सदस्यों की जिम्मेदारी उन पर थी, ऐसे में जब शादी का ख्याल आता भी तो वह उस पर अमल नहीं कर सकती थीं।

आज भी आवाज में है उतनी ही कशिश
लता ने अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके मधुर गीत लोगों का ध्यान खींचने में बखूबी भूमिका निभाते हैं। आज भी वह अपना स्वर्णिम दौर जी रही हैं, क्योंकि शायद ही कोई ऐसा होगा जो उनके गीतों पर मुग्ध न जाए। गीत का नाम सुनते ही लता का नाम खुद ही सभी की जुबां पर आ जाता है। उनकी कोयल सी मधुर आवाज ने सैकड़ों फिल्मों के गीतों को अमर बनाया है।

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  • Web Title:Lata Mangeshkar birthday special