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पीयूष के नारों से हुए ‘अच्छे दिन’ साकार

पीयूष के नारों से हुए ‘अच्छे दिन’ साकार

लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाने जा रही है। लेकिन इस सफलता का श्रेय पार्टी के कार्यकर्ताओं, मोदी की नेतृत्व क्षमता के साथ ही पार्टी के विज्ञापनों को साकार रूप देने वाले पीयूष पांडे को भी जाता है। वही, भाजपा के पूरे प्रचार के अहम किरदार रहें।

भाजपा उनकी उपयोगिता को जानती थी, इसलिए उसने पीयूष से संपर्क किया, बजाय की उनकी एजेंसी ओगिल्वी एंड मैथर एडवर्टाइजिंग एजेंसी से। पार्टी का मानना था कि पीयूष जमीनी तौर पर लोगों को जोड़ने वाले संदेश तैयार कर सकते हैं। उन्होंने भी भाजपा को निराश नहीं किया। उन्होंने अपनी एजेंसी की एक छोटी इकाई सोहो के जरिए जनता को सीधे संबोधित करने वाले संदेश गढ़े। यह पीयूष का ही प्रभाव था कि इस बार भाजपा के सभी संदेशों और विज्ञापनों में सीधे मतदाताओं को जोड़ने की कोशिश की गई।

 उन्हीं की रणनीति थी कि मोदी विज्ञापनों में मतदाताओं के आंखों में आंख डाल कर कहते थे कि कमल के निशान पर बटन दबाने से सीधा उन्हें वोट मिलेगा। पार्टी ने इन संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की। पीयूष कहते हैं, भाजपा ने उन्हें स्पष्ट तौर पर बता दिया था कि वह अपने प्रचार को किस दिशा में ले जाना चाहती है। यही वजह है कि पहले चरण में ‘जनता माफ नहीं करेगी’ नारे के साथ लोगों की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। अगले चरण में समस्याओं को सुलझाने में मोदी के प्रति उम्मीद जगाने के लिए ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’ का नारा दिया गया।

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